फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शक्ति पहचानें सरपंच, अपने गांवों का विकास सुनिश्चित करें : डीसी

Tue, 07 Apr 2026 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
महिला सरपंचों के साथ बैठक करती डीसी अपराजिता।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


कैथल। डीसी अपराजिता ने कहा कि सरपंच जनता के चुने हुए प्रतिनिधि होते हैं और उनकी जिम्मेदारी है कि वे अपने गांव का समग्र विकास सुनिश्चित करें तथा सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाएं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा सरपंचों को पर्याप्त अधिकार दिए गए हैं, जिनका प्रभावी उपयोग कर वे अपने गांवों में विकास को गति दे सकते हैं और आम जनता की जीवनशैली में सुधार ला सकते हैं।

लघु सचिवालय के सभागार में सोमवार को आयोजित बैठक में जिले की महिला सरपंचों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि महिलाएं अपनी शक्ति और क्षमताओं को पहचानें, आत्मविश्वास के साथ कार्य करें और अपने-अपने
विज्ञापन


गांवों में स्थायी बदलाव लाएं। उन्होंने प्रेरित किया कि छोटे-छोटे कदम भी बड़े परिणाम ला सकते हैं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से गांव का सर्वांगीण विकास संभव है।

बैठक के दौरान डीसी ने कई ग्राम पंचायतों के रिकॉर्ड भी जांचे और महिला सरपंचों से उनके गांव की जनसंख्या, स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, सफाई कर्मचारियों की संख्या और अन्य विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकारी फंड का प्रभावी उपयोग किया जाए और नियमित रूप से ग्राम सभाएं आयोजित की जाएं। इसके साथ ही सरकारी स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, लाइब्रेरी और कम्युनिटी सेंटर का निरंतर निरीक्षण अनिवार्य किया गया। यदि किसी गांव में सफाई कर्मचारियों की कमी हो, तो पंचायत स्तर पर प्रस्ताव पारित कर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

डीसी ने मॉडल विलेज की अवधारणा पर भी जोर दिया और सुझाव दिया कि पूरे गांव को एक साथ बदलने के बजाय छोटे-छोटे लक्ष्यों को प्राथमिकता दी जाए। उदाहरण के लिए किसी आंगनवाड़ी को मॉडल आंगनवाड़ी या स्कूल के किसी कमरे को विशेष प्रयोगशाला के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के लक्ष्य छोटे लग सकते हैं, लेकिन इनके सकारात्मक प्रभाव से पूरे गांव में स्थायी बदलाव लाया जा सकता है।

बैठक में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई, जिनमें मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना, सामाजिक समरसता अंतरजातीय विवाह शगुन योजना, डॉ. आंबेडकर मेधावी छात्रवृत्ति, लाडो लक्ष्मी योजना, सामाजिक पेंशन योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, फसल विविधीकरण प्रोत्साहन योजना और पशुपालन विभाग की डेयरी अनुदान योजनाएं शामिल हैं। डीसी अपराजिता ने महिला सरपंचों से अपील की कि वे गांवों में मुनादी करवाकर इन योजनाओं की जानकारी पात्र लोगों तक पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें।
विज्ञापन


बैठक में डीडीपीओ रितु लाठर, उप निदेशक पशुपालन डॉ. सूर्या खटकड़, जिला कल्याण अधिकारी सीमा और जिला समाज कल्याण अधिकारी अमितेंद्र श्योकंद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। महिला सरपंचों ने अपने-अपने गांवों की विभिन्न समस्याओं को भी साझा किया, जिस पर समाधान के निर्देश दिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें