संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा एवं फल्गु मंदिर सुधार समिति के संयुक्त तत्वावधान में फल्गु तीर्थ पर तीन दिवसीय लोककला महोत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को लोक गायन कार्यक्रम हुआ।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री हरियाणा के ओएसडी रहे एचसीएस अमरजीत सिंह, कार्यक्रम अध्यक्ष रहे जनता कॉलेज कौल के प्राचार्य डॉ. ऋषिपाल और विशिष्ट अतिथि प्रो. जयनारायण ने दीप प्रज्ज्वलित से किया। इसके बाद अतिथियों और कलाकारों का स्वागत आयोजक समिति की ओर से फूल माला, अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर किया गया।
लोकगायन कार्यक्रम की शुरुआत में लोकगायक चंद्र कुमार गौड ने फल्क ऋषि की वंदना प्रस्तुत की। इसके बाद उन्होंने ‘जिसकै मर्ज बैठ ज्या दिल मैं...’ और ‘यारी के घर दूर बताए...’ की प्रस्तुति से श्रोताओं का मन मोह कर खूब तालियां बटोरी। लोकगायिका आरती जांगड़ा की ‘समय करादे नर के करले...’, ‘तृष्णा रूपी झगड़ा है...’ और ‘सासरे मै भूल ज्यागी...’ आदि रागनियों की प्रस्तुति भी श्रोताओं ने खूब भायी। लोकगायिका प्राची सोहल ने पं. लख्मीचंद की रागनी ‘झोली करकै मांगूं सूं...’ और ‘मत ना रोवै जननी एक बार...’ की प्रस्तुति दी। उनके बाद हरियाणवी लोकगायिका राजबाला बहादुरगढ़ ने ‘गौ ब्राह्मण साधु की सेवा...’ , ‘बाबा जी तेरी शान पै...’ और ‘सहम करो सो धिंगताना...’ आदि रागनियों की प्रस्तुति दी।
मोहित शर्मा और दिव्या ने हरियाणवी लोकनृत्य की प्रस्तुति है। मुख्य अतिथि अमरजीत सिंह ने फल्गु लोककला उत्सव का हरियाणवी संस्कृति से ओतप्रोत आयोजन के लिए कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा एवं फल्गु मंदिर सुधार समिति का धन्यवाद किया। कार्यक्रम में प्रवीण सिंह, राकेश वत्स, शक्ति सिंह, विजय कुमार व हर्ष राणा मौजूद रहे।