संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पहाड़ों पर बर्फबारी के बाद मैदानी इलाकों में सर्दी बढ़ गई है। सोमवार को दिनभर हुई बारिश से ठिठुरन बढ़ी तो ठंड से लोग घरों में दुबकने के लिए मजबूर हो गए। उधर, कीचड़ आदि की वजह से कई जगह पर लोगों को जाम ने भी परेशान किया।
सुबह के समय हुई बूंदाबांदी के दौरान स्कूली बच्चों, अध्यापकों व अपने कार्यालय में जाने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दिन भर बारिश के कारण चौक चौराहों पर भी जाम की स्थिति बनी रही। इससे वाहन चालकों को भी परेशानी झेलनी पड़ी।
सोमवार करीब सुबह छह बजे आसमान में बादल छा गए। इसके बाद सात बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई, जो दिन भर जारी ही। मौसम विभाग के अनुसार, करीब सात एमएम बारिश हुई।
बारिश से दिनभर सड़कों पर महिलाएं, बुजुर्ग बारिश से बचाव के लिए छाता लेकर जाते हुए भी दिखाई दिए। मौसम विभाग के अनुसार 24 से 27 दिसंबर तक बादलवाई एवं गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और बारिश होने की संभावना है। 27 दिसंबर के बाद ठंड अपना और ज्यादा कहर बरसाएगी।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, सुबह व शाम के समय धुंध व कोहरा छाएगा। अधिकतम व न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज होगी। सोमवार को अधिकतम तापमान 14.2, न्यूनतम तापमान 7.9 सेल्सियस डिग्री दर्ज किया गया।
बाजार-गलियों में कीचड़ की रही समस्या ः बारिश से बाजार व गलियों में कीचड़ हो गया, जिससे लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। बारिश के कारण बाजार में रौनक गायब रही, क्योंकि लोग खरीदारी करने कम ही आए। वही चौक चौराहों व नीची सड़कों पर कई जगह जलभराव दिखा।
23 दिसंबर को दिनभर बूंदाबांदी हुई है। आज भी बादलवाई एवं गरज-चमक के साथ धूलभरी हवाएं और बारिश होने की संभावना है। किसान भी अपनी फसलों की सिंचाई मौसम के अनुसार ही करें। गेहूं और सरसों की फसल के लिए बारिश फायदेमंद रहेगी। -डॉ. रमेश चंद्र वर्मा, समन्वयक, कृषि विज्ञान केंद्र, कैथल।
चाय की बढ़ी खपत
राजौंद। सोमवार को सुबह बारिश के बाद ठंड के साथ चाय की खपत बढ़ गई।
पूरा दिन सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए। धूप न निकलने से ठंड बढ़ गई। ऐसे में चाय की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई। चाय की खपत बढ़ने से दुकानदारों के चेहरे खिले दिखाई दिए।
उधर, मुख्य मार्ग पर टूटी हुई सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों को मुश्किल उठानी पड़ी। इस सड़क पर हल्की बरसात से ही पानी भर जाता है। इसके अलावा दुर्गा मंदिर को जाने वाली गली में पूरी तरह कीचड़ भरने से मंदिर में जाने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानी उठानी पड़ी। उनका कहना था कि पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया। है। प्रशासन से सड़क की सफाई करवाने की मांग की। संवाद