संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। डीसी अपराजिता ने बताया कि सरकार की ओर से वसंत पंचमी पर जिले के गांव पोलड़ और पिसोल तीर्थ पर 23 जनवरी को विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। सुबह 11 बजे से कार्यक्रम की शुरुआत होगी। इस दौरान सरस्वती नदी के पुनरुद्धार और जनकल्याण की कामना के लिए हवन किया जाएगा। इसके बाद स्कूली छात्राओं की ओर से सरस्वती वंदना और सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए जाएंगे। पूजा के बाद श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन होगा।
उन्होंने बताया कि सरस्वती उत्सव पूरे प्रदेश में विभिन्न चरणों में मनाया जाएगा। 19 जनवरी को आदि बद्री, यमुनानगर में महोत्सव का उद्घाटन होगा। 19 से 25 जनवरी तक पिहोवा तीर्थ पर सांस्कृतिक मेले का आयोजन होगा। 20 व 21 जनवरी को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र में सरस्वती नदी पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी होगी। 22 जनवरी को हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड एवं हरियाणा पुरातत्व विभाग के संयुक्त तत्वाधान में सरस्वती पर प्रदर्शनी का आयोजन राखीगढ़ी में होगा। उन्होंने बताया कि सरस्वती महोत्सव न केवल हमारी धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह हमारी प्राचीन सभ्यता और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी देते हुए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं।