संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। दिवाली से पहले शहर की सफाई व्यवस्था पर संकट मंडराने लगा है। टेंडर न बढ़ाए जाने और लगभग डेढ़ से दो महीने की सैलरी बकाया होने के चलते 165 कच्चे कर्मचारी घर बैठ गए हैं। इसी कड़ी में कर्मचारियों ने नगर पालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
सफाई कर्मचारी नेता शिव चरण ने कहा कि जब तक टेंडर नया नहीं होगा और बकाया वेतन जारी नहीं किया जाएगा, वे काम पर लौटेंगे नहीं। उन्होंने प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की कि उनका टेंडर नए सिरे से लगवाया जाए और बकाया सैलरी तुरंत दी जाए। शिव चरण ने बताया कि बकाया वेतन न मिलने से उनका त्योहार फीका पड़ रहा है और समय पर सैलरी न मिलने पर रोजमर्रा का गुजारा मुश्किल हो जाएगा।
कर्मचारी राकेश ने बताया कि उनका टेंडर समाप्त हो चुका है और उन्होंने पहले ही प्रशासन को स्थिति से अवगत कराया था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। उनका कहना था कि सरकार कर्मचारियों और दलित वर्ग का शोषण कर रही है।
लोगों का कहना है कि त्योहारों के दिनों में शहर में भीड़-भाड़ रहती है और लोग बाजारों में खरीदारी करने आते हैं। यदि ये कच्चे कर्मचारी काम पर नहीं लौटते हैं, तो इसका सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ेगा।
सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार टेंडर नए सिरे से लागू नहीं हो सका। कर्मचारियों की मांगों को देखते हुए पुराने टेंडर को एक महीने के लिए बढ़ा दिया जाएगा। इसके साथ ही रुकी हुई सैलरी जल्द ही रिलीज कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। -सुरभि गर्ग, अध्यक्ष- नगर परिषद