कैथल। लॉकडाउन-3 के बीच सरकार ने चुनिंदा मार्गों पर रोडवेज बस सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। इनमें पहले दिन कैथल डिपो से अंबाला के लिए एक ही बस चल पाई। ऑनलाइन पोर्टल एचआरटीएएनएस डॉट जीओवी डॉट इन के माध्यम से ही टिकट बुकिंग की गई। बस में 30 यात्रियों की व्यवस्था की गई थे, लेकिन हालात ये रहे कि पहले दिन कैथल से अंबाला के लिए महज चार यात्रियों ने ही ऑनलाइन टिकट बुक करवाई।
वापसी में आए तीन यात्री
कैथल-अंबाला लगभग 88 किलोमीटर है। इसमें एक तरफ से 80 रुपये प्रति व्यक्ति का किराये की औसत है। वहीं लगभग 35 लीटर डीजल खर्च बताया जा रहा है। बस की चालत पांच किलोमीटर प्रति लीटर बताई जा रही है। कुल खर्च की औसत के हिसाब से प्रति बस पर आने जाने के लिए 2200 रुपये से ज्यादा का डीजल खर्च होता है। पहले दिन बस में कुल सात यात्रियों ने सफर किया। इनमें चार कैथल से अंबाला गए और तीन वहां से कैथल आए।
थर्मल स्क्रीनिंग में रोडवेज कर्मियों की लगाई ड्यूटी
शुक्रवार को पहले दिन बसों के संचालन के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा लापरवाही सामने आई। थर्मल स्क्रीनिंग के लिए एक रोडवेज कर्मचारी ही तैनात किया गया। उसने बिना हाथों में दस्ताने डाले ही बस स्टैंड पर आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की। स्वास्थ्य विभाग ने आनन-फानन में उक्त कर्मचारी को दस्ताने पहनने के लिए बोला। पीएमओ डॉ. ओम प्रकाश ने बताया कि यात्रियों के स्वास्थ्य की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की स्पेशल टीम बस स्टैंड पर भेजी गई थी।
रोडवेज के चीफ इंस्पेक्टर रणबीर सिंह ने बताया कि यात्रियों की संख्या कम होने के कारण दूसरी बस को रद्द कर दिया गया।