कैथल। रोडवेज डिपो में पिछले सात साल से नई बसें आने का इंतजार अब जल्द ही खत्म होगा। डिपो के बेड़े में इसी माह चार नई बसें शामिल होनी हैं। उम्मीद है कि इनके आने से डिपो यात्रियों का सफर सुगम होगा। दरअसल, नई बसों में सीटों की संख्या 57 सीटें होंगी जबकि पुरानी रोडवेज बसों में 52 सीटें हैं।
कैथल डिपो में इस समय लंबे रूटों पर नाममात्र की रोडवेज बसें चल रही हैं। बसों की कमी को देखते हुए रोडवेज विभाग की तरफ से सरकारी पत्राचार भी शुरू कर दिया गया। गुरुग्राम स्थित कार्यशाला में बसों के निर्माण किया जा रहा है। पत्राचार पूरा होने के बाद आर्डर होते ही ये बसें कैथल पहुंचेगी। नई बसों की खास बात यह है कि पुरानी रोडवेज बसों से बड़ी है। इनमें पुरानी बसों की 52 सीटों के मुकाबले पांच सीटें ज्यादा होंगी। नई बस आने के बाद यात्रियों को सफर के दौरान बेहतर सहूलियत मिलेगी।
गौरतलब है कि इससे पहले 2015 में महज पांच नई नई बसें शामिल हुई थी। पिछले सात साल से भी डिपो को नई बसों के आने की दरकार थी, लेकिन यह उम्मीद नहीं पूरी हो पाई। इस समय कैथल डिपों के रोडवेज बेड़े में किलोमीटर की 23 बसों सहित कुल 109 बसें हैं। चार बसे आने के बाद इसकी संख्या बढ़कर 113 हो जाएगी।
इसके साथ ही कुल 10 बसों की समयावधि भी रोडवेज विभाग की तरफ से बढ़ाई गई थी। जो लोकल रूट के अलावा कार्यालय के अन्य कार्यों को लेकर स्टाफ सदस्यों के लिए लगाई गई है। उधर, रोडवेज महाप्रबंधक अजय गर्ग ने बताया कि इसी महीने के अंत तक कुल चार नई बसें आने की पूरी संभावना है। इसको लेकर पत्राचार किया जा रहा है। मुख्यालय से आर्डर होते ही बसें रोडवेज बेड़े में शामिल होंगी। इससे यात्रियों को सहूलियत होगी।