संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ग्योंग में सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत जुलाई के पहले सप्ताह के पहले शनिवार को शतरंज दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के बीच हुई शतरंज प्रतियोगिता में रितेश ने स्वर्ण पदक, उमंग ने रजत पदक और हनी ने कांस्य पदक अपने नाम किया।
इस प्रतियोगिता में कुल 29 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इसकी अध्यक्षता डीपीई मोहनलाल और शारीरिक शिक्षा प्रवक्ता अनूप धीमान ने की। अनूप धीमान ने बताया कि शतरंज का आविष्कार भारत में लगभग 1500 साल पहले हुआ था, जिसे प्रारंभ में चतुरंग कहा जाता था। बाद में यह खेल अरब देशों से होते हुए यूरोप पहुंचा और 15वीं शताब्दी तक विश्वभर में लोकप्रिय हो गया।
उन्होंने कहा कि शतरंज एक उत्कृष्ट मानसिक व्यायाम है, जो एकाग्रता, तर्क शक्ति, समस्या-समाधान और रणनीतिक सोच को विकसित करने में सहायक है। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक यतेंद्र, रणदीप सिंह, रामकुमार, संजय गुप्ता, सोनिया और राजकुमार मौजूद रहे।