गत 20 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट द्वारा हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी को सही ठहराए जाने के बाद शनिवार को कैथल में हुई हरियाणा कमेटी (एडहॉक) सदस्यों की बैठक में कार्यवाहक प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल को हटाकर सर्वसम्मति से पूर्व प्रधान जगदीश सिंह झींडा को प्रधान चुननेे की घोषणा की गई। करीब छह घंटे तक कैथल के नीम साहिब गुरुद्वारा में चली बैठक में फैसला लिया गया कि आगामी एक अक्तूबर को कुरुक्षेत्र स्थित मुख्यालय में बैठक का आयोजन कर कार्यकारिणी का चयन किया जाएगा। साथ ही करनाल से निवर्तमान युवा प्रदेश प्रधान अमरेंद्र सिंह अरोड़ा को सीएम मनोहर लाल को सारी जानकारी देने के लिए अधिकृत किया गया।
एचएसजीएमसी सदस्यों सहित सिख संगत की बैठक शनिवार दोपहर प्रधान जगदीश सिंह झींडा की अगुवाई में बैठक शुरू हुई। करीब चार बजे तक चली बैठक में कार्यवाहक प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल की कार्यकारिणी के चार सदस्य भी पहुंचे। इस बैठक में सर्वसम्मति से अमरेंद्र सिंह अरोड़ा को प्रधान चुनने के लिए अधिकृत किया गया। अमरेंद्र अरोड़ा ने पूर्व प्रधान जगदीश सिंह झींडा के नाम का प्रधान पद के लिए प्रस्ताव रखा, जिसे सभी ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया।
बैठक के बाद प्रधान बने जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से हरियाणा कमेटी को मिली जीत के लिए सबसे पहले गुरु ग्रंथ साहब का शुक्राना करते हैं। साथ ही हरियाणा सरकार और मुख्यमंत्री मनोहर लाल का भी आभार जताते हैं। उन्होंने कहा कि बलजीत सिंह दादूवाल उनके स्वास्थ्य कारणों से दिए इस्तीफे के बाद कार्यवाहक प्रधान बने थे, जो कमेटी सदस्यों को बिना साथ लिए खुद की मर्जी से काम कर रहे थे।
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उन्होंने प्रधान बनने के बाद न तो सरकार के किसी अधिकारी के सामने शपथ ली और न ही प्रस्ताव सरकार को भेजा। ऐसे में आज के बाद बलजीत सिंह दादूवाल प्रधान नहीं हैं। अब आगामी कार्यकारिणी का चयन एक अक्तूबर को कुरुक्षेत्र में किया जाएगा।
कमेटी में वरिष्ठ उप-प्रधान रहे दीदार सिंह नलवी ने कहा कि बलजीत सिंह दादूवाल हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के एक्ट के तहत काम नहीं कर रहे थे, जो एक्ट को ही नहीं मानते, वह हमारे प्रधान नहीं हो सकते हैं। न उन्होंने ऑडिट करवाया, न जरनल हाउस की बैठक बुलाई, न बजट बनाया। इस पवित्र संस्था को उन्होंने डेरा बना दिया।
बैठक में जगदीश सिंह झींडा, दीदार सिंह नलवी, करनैल सिंह निमनाबाद, अमरेंद्र सिंह अरोड़ा, सतपाल रामगढ़िया, निरवैर सिंह आंटा, जसबीर भाटी, राणा भाटी फरीदाबाद, अवतार सिंह चक्कू, बलदेव सिंह बल्ली, सुरेंद्र सिंह शाह, जसबीर सिंह खालसा अंबाला, जोगा सिंह, जीत सिंह खालसा, मनजीत सिंह डाचर, बलवंत सिंह फौजी, जसविंद्र सिहं पीपलथां मोहनजीत सिंह, हाकम सिंह, बाबा गुरमीत सिंह व हरपाल सिंह पाली कुल 22 सदस्यों ने भाग लिया। साथ ही 11 सदस्यों द्वारा फोन पर सहमति का दावा किया गया।
मैं सेलेक्टेड मेंबर्स का इलेक्टेड प्रधान : दादूवाल
घटनाक्रम पर एचएसजीएमसी के कार्यकारी प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि किसी कमरे में बैठकर लोग अपना नेता तो चुन सकते हैं, किसी संस्था का प्रधान नहीं। वे एचएसजीएमसी के सेलेक्टेड सदस्यों के इलेक्टेड प्रधान हैं। प्रधान पद से हटाने के लिए 25 सदस्यों द्वारा हस्ताक्षर करके कार्यकारिणी को प्रस्ताव दिया जाता है। इसके बाद कार्यकारिणी बैठक बुलाती है, जिसमें यदि सदस्य प्रधान से असंतुष्ट हैं तो स्थिति पर चर्चा की जाती है। वे अभी गुरुद्वारों की सेवा संभालने के लिए निकले हुए हैं। जल्द ही वे प्रदेश मुख्यालय में बैठक बुलाएंगे। इस बैठक में जो सदस्य होंगे, वे अपनी बात रख सकते हैं, जो लोग उन्हें प्रधान पद से हटाने की बात कर रहे हैं, वे दो दिन पहले मेरे साथ हुई बैठक में कुछ अलग कह रहे थे। सिख अपनी बात से नहीं मुकरता। इन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। यह सेवा का काम है। दूसरा यह हरियाणा सरकार का अधिकार है कि एक्ट में वर्णित 41 सदस्यों की कमेटी को आगे काम के लिए अधिकृत करेगी या नई कमेटी बनाकर संस्था का चुनाव करवाएगी।