संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। क्रांतिकारी मनरेगा मजदूर यूनियन ने गांव बालू में एक सभा कर गांव बालू के मजदूरों के साथ कपिल मुनि माईनर पर कार्य के दौरान हुए हादसे को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। यूनियन अजय आशु ने कहा कि पिछले तीन दिनों से मजदूर लगातार चलते पानी में काम कर रहे हैं। मंगलवार को कपिल मुनि माईनर में कार्य के दौरान एक सांप दिखाई देने से मजदूरों में भगदड़ मच गई जिसमें दो महिला मजदूर घायल हो गई। मजदूर दो से तीन फीट गहरे पानी में कार्य कर रहे हैं वे भी बिना किसी सुरक्षा उपकरण व सुविधा के।
क्रांतिकारी मनरेगा मजदूर यूनियन ने बीडीपीओ कलायत और सीईओ जिला परिषद कैथल से अपील की है कि वे इस विषय का तत्काल संज्ञान लें और मजदूरों को उनके कानूनी अधिकार व सुरक्षा सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि मनरेगा अधिनियम के तहत यदि कार्यस्थल गांव से 5 किलोमीटर से अधिक दूरी पर है तो मजदूरों को आवागमन का किराया भत्ता दिया जाना चाहिए। परंतु बालू गांव से 8-10 किलोमीटर दूर कार्यस्थल होने के बावजूद मजदूरों को यह भत्ता नहीं मिल रहा है।
यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि मनरेगा में काम न मिलने की वजह से मजदूर लंबे समय से बेरोजगारी झेल रहे हैं। अब जब काम मिला है तो कार्य के दौरान उनके पास कोई सुरक्षा नहीं है। यह पूरी तरह से प्रशासनिक लापरवाही का मामला है। उपायुक्त द्वारा बरसात से पहले माईनरों की सफाई के निर्देश दिए गए थे लेकिन कलायत ब्लॉक में फैले भ्रष्टाचार के कारण सफाई कार्य में देरी हुई। और अब मजदूरों को बारिश के पानी के बीच मजबूरी में कार्य करना पड़ रहा है। क्रांतिकारी मनरेगा मजदूर यूनियन ने मांग की है कि घायल मजदूर को तुरंत उचित मुआवजा व इलाज की व्यवस्था की जाए।
सभी मजदूरों को किराया भत्ता दिया जाए व सभी मजदूरों को सुरक्षा उपकरण मुहैया करवाए जाएं।