कैथल। डेंगू के मरीज की हालत गंभीर होने पर उन्हें प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ती है और नागरिक अस्पताल में मशीन होने के बावजूद लापरवाही की वजह से तीमारदारों को परेशान होना पड़ रहा है। ज्यादातर करनाल या अंबाला जाते हैं और तब उनकी समस्या का समाधान हो पाता है। उधर, अब सीएमओ ने मशीन संचालन के लिए विभाग को पत्र लिखा है। इसमें लाइसेंस जल्द बनाने की अपील की गई है। उम्मीद है कि अगले एक पखवाड़े के भीतर मशीन चालू हो जाएगी और प्रक्रिया पूरी होने के बाद इससे प्लेटलेट्स बनने लगेगी।
गौरतलब है कि पूंडरी में डेंगू का नया मामला मिलने के बाद नपा प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। अब तक 40 से ज्यादा डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। कई जगह पर फॉगिंग भी करवाई जा रही है। दूसरी ओर मरीजों को यदि प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ जाए तो तीमारदार परेशान हो रहे हैं। एक तरफ तो उन्हें किराया लगाना पड़ता है और दूसरे प्लेटलेटस के दाम भी ज्यादा चुकाना पड़ते हैं। कई लोगों ने बताया कि करीब 20-25 हजार रुपये का खर्च करना पड़ रहा है। यहां के निजी अस्पतालों में भी प्लेटलेट्स की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
उल्लेखनीय है कि जिला अस्पताल में मशीन तो करीब साल भर पहले आ गई थी लेकिन डॉक्टर उपलब्ध न होने से यह शोपीस बनी रही। हाल ही में डॉक्टर मिल गया तो लाइसेंस प्रक्रिया के चलते यह काम नहीं कर पा रही है। दरअसल, इसके लाइसेंस के लिए अस्पताल में ब्लड बैंक की तरह अलग से केबिन बनाना होता है। इस संबंध में जिला नागरिक अस्पताल की प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. रेनू चावला ने बताया कि प्लेटलेटस बनाने वाली मशीन का लाइसेंस बनाने के लिए अब विभाग के महानिदेशक को पत्र लिखा है। आशा है कि अगले 15 से 20 दिन तक मशीन का संचालन शुरू हो जाएगा।