संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। केंद्र सरकार के पिछले कार्यकाल में कैथल-पटियाला मुख्य मार्ग को फोर लेन बनाने की योजना बनी थी, लेकिन वन विभाग की एनओसी न मिलने के कारण डेढ़ साल से भी अधिक समय बीतने के बाद भी इस मार्ग का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। लोक निर्माण विभाग ने इस संबंध में पुनः रिमाइंडर भेजा है।
निर्माण कार्य में देरी का मुख्य कारण पेड़ों की कटाई न होना और बिजली के पोल हटाने का कार्य न चलना बताया जा रहा है। जब इस सड़क को फोर लेन बनाने की घोषणा हुई थी, तो लोगों में उत्साह था कि मार्ग चौड़ा और बेहतर बन जाएगा, लेकिन अभी तक कोई ठोस काम नहीं हुआ।
वन विभाग ने सड़क निर्माण के लिए 50 एकड़ भूमि की एनओसी देने की मांग की है, जिसके संबंध में अब तक कोई स्पष्ट स्थिति नहीं बनी है। इस परियोजना के लिए सरकार ने 140 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी थी, लेकिन घोषणा के बावजूद सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो सका।
सड़क किनारे खड़े पेड़ों और बिजली के पोल हटाने का काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है, जिससे लोगों की उम्मीदें निराश हो रही हैं कि यह सड़क कब बनेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क के चौड़ा और फोर लेन बनने से यातायात का दबाव कम होगा और आवागमन सुगम होगा। साथ ही जनता की मांग है कि जब इस सड़क का निर्माण हो, तो सीवन का एक बाईपास भी बनाया जाए ताकि जिन वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं करना है, वे बाईपास से होकर निकल सकें और शहर में जाम की समस्या से राहत मिले।
नगर के निवासी सुरेंद्र सरदाना, सुभाष गर्ग, सुरेश सरदाना, प्रशांत आनंद, विक्रम मुंजाल, सुधीर मिड्ढा, महावीर मंगला, बलजीत, राजेंद्र व अन्य ने बताया कि कैथल से पटियाला का मार्ग संकरा होने के साथ ही वाहनों की आवाजाही भी बहुत बढ़ गई है। यह सड़क पहले ही फोर लेन हो जानी चाहिए थी, लेकिन अभी तक ऐसा संभव नहीं हो पाया है।
इस मार्ग पर भारी और बड़े वाहनों की आवाजाही के कारण सीवन, कांगथली, चीका और बलबेड़ा जैसे नगरों में अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। सीवन का मुख्य बाजार, कई बैंक और स्कूल भी इसी मार्ग पर स्थित हैं, जिसके कारण यातायात और जाम की समस्या गंभीर हो जाती है और लोगों को काफी परेशानी होती है।
लोग सरकार से जल्द इस परियोजना को अमली जामा पहनाने की मांग कर रहे हैं ताकि इस मार्ग का निर्माण जल्दी शुरू हो सके और आम जनता को राहत मिल सके।