संवाद समाचार एजेंसी
सीवन। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को एक विशेष चिकित्सा एवं ध्यान शिविर का आयोजन किया गया। डिजिटल आयुर्वेद की टीम ने विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, एकाग्रता और जीवन में स्थिरता के महत्व को समझाने के उद्देश्य से इस शिविर को लगाया था।
टीम के प्रमुख सदस्यों निखिल खुरानिया और मीनाक्षी ने विद्यार्थियों को बताया कि नियमित ध्यान न केवल मन को शांत करता है, बल्कि यह अध्ययन में एकाग्रता बढ़ाने तथा मानसिक तनाव को कम करने में भी अत्यंत सहायक होता है।
उन्होंने कहा कि आज की व्यस्त जीवनशैली में ध्यान आत्म-संयम और मानसिक संतुलन बनाए रखने का सबसे प्रभावशाली माध्यम है।कार्यक्रम के मुख्य आयोजक डॉ. राज वैद्य ने विद्यार्थियों को ध्यान के वैज्ञानिक और आध्यात्मिक लाभों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी आरंभ से ही ध्यान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें, तो वे मानसिक रूप से अधिक स्थिर, सकारात्मक और कार्यक्षम बन सकते हैं। मुख्य प्रशिक्षिका नंदिनी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब वह स्वयं छात्रा थीं, तो पढ़ाई में मन लगाना कठिन लगता था लेकिन ध्यान की शुरुआत के बाद न केवल उनका ध्यान केंद्रित रहने लगा, बल्कि स्मरण शक्ति और कार्यक्षमता में भी सुधार हुआ।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन कुछ समय ध्यान के लिए निकालने की प्रेरणा दी। प्रधानाचार्य एवं राज्य पुरस्कार से सम्मानित सुदर्शन शर्मा ने कहा कि ध्यान के लाभों को शब्दों में बांधना कठिन है। उन्होंने कहा कि ध्यान की प्रक्रिया न केवल मानसिक बल्कि शारीरिक रूप से भी ऊर्जा प्रदान करती है, जिससे व्यक्ति जीवन की चुनौतियों का बेहतर सामना कर सकता है।
इस अवसर पर ज्योति लता ने विद्यार्थियों से ध्यान को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ध्यान आत्मविकास की दिशा में पहला और महत्वपूर्ण कदम है।शिविर के अंत में विद्यार्थियों के साथ एक सामूहिक ध्यान सत्र आयोजित किया गया, जिसमें सभी ने हिस्सा लिया। इस मौके पर विद्यालय का समस्त स्टाफ भी मौजूद रहा।