बस अड्डा पर बसों के इंतजार में यात्री। संवाद
कैथल। नई बसें नहीं मिलने के कारण कैथल रोडवेज डिपो बसों की कमी से जूझ रहा है। पुराने बेड़े की कई बसें अपनी निर्धारित आयु पूरी कर चुकी हैं, जबकि कुछ बसें तकनीकी खराबी और मरम्मत के कारण नियमित संचालन से बाहर रहती हैं। ऐसे में प्रमुख रूटों पर बसों की संख्या घटने से यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। सबसे अधिक असर गुरुग्राम, दिल्ली, कुरुक्षेत्र और जींद रूट पर देखने को मिल रहा है, जहां प्रतिदिन हजारों यात्री रोडवेज बसों पर निर्भर रहते हैं।
यात्रियों के अनुसार बसों की कमी का सबसे ज्यादा प्रभाव दोपहर बाद पड़ रहा है। इस समय स्कूलों और कॉलेजों की छुट्टी होने के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी बस स्टैंड पहुंचते हैं, लेकिन पर्याप्त बसें उपलब्ध नहीं होने से उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। कई बार बसें पहले से ही यात्रियों से भरी हुई पहुंचती हैं, जिससे विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ता है। कुछ यात्रियों को जगह नहीं मिलने के कारण अगली बस का इंतजार भी करना पड़ता है। नौकरीपेशा लोगों, ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों और रोजाना अप-डाउन करने वालों को भी बसों की कमी का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
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यात्री मनफूल, मनजीत, राजेंद्र व बनेंद्र का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से बसों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। बस कम होने से कई महत्वपूर्ण रूटों पर फेरे घटा दिए गए हैं, जिससे भीड़ और अधिक बढ़ गई है। त्योहारों, छुट्टियों और सप्ताहांत के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। यात्रियों ने प्रदेश सरकार और रोडवेज विभाग से मांग की है कि कैथल डिपो को जल्द नई बसें उपलब्ध कराई जाएं। उनका कहना है कि यदि डिपो में नए वाहनों की संख्या बढ़ाई जाती है तो प्रमुख रूटों पर अतिरिक्त फेरे लगाए जा सकते हैं। इससे यात्रियों को समय पर बसें मिलेंगी, भीड़ कम होगी और विद्यार्थियों सहित रोजाना सफर करने वाले हजारों लोगों को राहत मिलेगी।
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टीएम विपुल कुमार ने बताया कि रूटों पर बसों की कमी नहीं आने दी जा रही है। यात्रियों की संख्या अनुसार रूटों पर बसों का संचालन हो रहा है।