संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। उपायुक्त अपराजिता ने बुधवार को जिला टास्क फोर्स कमेटी की बैठक में अवैध कॉलोनियों, अनधिकृत निर्माण और सड़कों पर अतिक्रमण हटाने को लेकर चल रही कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन स्थानों से अतिक्रमण हटाया जा चुका है, वहां दोबारा निर्माण या कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और कार्रवाई के बाद उसकी निरंतर निगरानी सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि जिन जगहों पर अतिक्रमण हटाया गया है, वहां पुनः कब्जा न हो, इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
उन्होंने एसडीएम को निर्देश दिए कि वे स्वयं भी कॉलोनियों का निरीक्षण करें और जमीनी स्तर पर स्थिति की समीक्षा करें। उपायुक्त ने कहा कि बिना बिल्डिंग प्लान की मंजूरी के निर्माण करना म्युनिसिपल बायलॉज का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
बैठक में एनफोर्समेंट पुलिस और डीटीपी विभाग को निर्देश दिए गए कि वे पिछले वर्ष और चालू वर्ष में दर्ज एफआईआर तथा उनसे संबंधित चालान की रिपोर्ट को व्यवस्थित रखें और नियमित रूप से अपडेट करें।
इसी प्रकार नगर परिषद और सभी नगर पालिकाओं को अवैध निर्माण से संबंधित मामलों में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने यह भी कहा कि जब भी नगर परिषद, डीटीपी विभाग या नगर पालिका की ओर से कोई नोटिस जारी किया जाए या एफआईआर दर्ज की जाए, उसकी प्रति संबंधित एसडीएम को अनिवार्य रूप से भेजी जाए।
इसके अलावा एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी और मार्केट कमेटी को निर्देश दिए गए कि वे अपनी-अपनी सड़कों से अवैध निर्माण और अतिक्रमण को हटाएं। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
बैठक में डीटीपी प्रवीण कुमार ने जानकारी दी कि फरवरी और मार्च माह में 10 स्थानों पर तोड़फोड़ कार्रवाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिनमें से 8 स्थानों पर सफलतापूर्वक कार्रवाई की जा चुकी है। यह कार्रवाई कैथल, पूंडरी, ढांड, चीका और कलायत के विभिन्न क्षेत्रों में की गई है, जहां नियमित रूप से एफआईआर भी दर्ज करवाई जा रही है।
बैठक में कैथल एसडीएम गुरविंद्र सिंह, गुहला-चीका एसडीएम कैप्टन प्रमेश कुमार, डीएसपी बीरभान, डीटीपी प्रवीण कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।