संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कैथल में सम्राट मिहिर भोज प्रतिमा अनावरण के विरोध में कलायत में चंडीगढ़-हिसार राष्ट्रीय मार्ग के पास राजपूत समाज का अनिश्चितकालीन धरना 27वें दिन में प्रवेश कर गया। इस दौरान मांगें पूरी होने तक आंदोलन चलाने का एलान किया गया।
कलायत शहर के राजपूत समाज के लोग बुधवार को अनशन पर बैठे। प्रदर्शन में शामिल होने वालों में कलायत सभा के प्रधान दीपक राणा, रघुबीर सिंह राणा, कुशल पाल, लीलू राणा, हुक्म सिंह राणा, महीपाल राणा, माम राज, अशोक जैलदार, बङ्क्षलद्र चौहान, मा.दरबारा सिंह, मंगल राणा, वीरेंद्र राणा, अंकित जैलदार व गौरव जैलदार शामिल रहे। भूख हड़ताल पर बैठने वाले समाज के प्रतिनिधियों का पूर्व सरपंच महीपाल राणा व दलबीर राणा ने माला पहना कर स्वागत किया।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा उपाध्यक्ष सलिंद्र राणा, प्रांतीय अध्यक्ष विनोद थंबड़, पूर्व मंडी प्रधान जयदीप राणा, प्रदीप जैलदार, संजीव राणा, रिषीपाल राणा, राहुल राणा, पुष्पेंद्र राणा और प्रीतम राणा ने कहा कि जब तक उनकी पांच मांगों को पूरा नहीं किया जाता धरना जारी रहेगा। सलिंद्र राणा ने कहा कि कैथल में 18 अक्तूबर को होने वाले राजपूत समाज के महाकुंभ की तैयारियों को लेकर आज करनाल में राज्य स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया।
उन्होंने कहा कि राजपूत समाज अपने इतिहास के संरक्षण को लेकर लड़ाई लड़ रहा है। भाजपा सरकार ने इस लड़ाई में राजपूत समाज की उपेक्षा कर समाज का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि राजपूत समाज को भाजपा का पारंपरिक वोट बैंक समझा जाता है। उसके बावजूद समाज का जो अपमान प्रदेश सरकार ने किया उसका हिसाब चुनाव में लिया जाएगा।