संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। नगर में नशा व नशा तस्करों पर रोक के लिए एक सप्ताह से युवाओं का आंदोलन व धरना प्रदर्शन जारी है। शासन प्रशासन का अपेक्षित सहयोग न मिलने पर युवाओं का गुस्सा भड़क उठा और प्रशासन का पुतला फूंककर युवाओं ने अपने गुस्से का प्रदर्शन किया। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं।
जागरूक नागरिक मंच की ओर से गोशाला मार्केट में पिछले पांच दिनों से धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। युवाओं में इस बात को लेकर रोष था कि नशे के खिलाफ इस अभियान में उनको प्रशासन व शासन का कोई सहयोग नहीं मिल रहा। मंच के सदस्य जस्सी राणा ने आरोप लगाते हुए कहा कि नशे के कारण से युवा अकाल मौत का शिकार हो रहे हैं। दो दिन पूर्व थाना प्रभारी ने धरना स्थल पर पहुंच पर आश्वासन दिया था कि दो दिनों के भीतर नगर में चलने वाले सभी अवैध रूप से दारू बेचने वाले खुर्दे समाप्त करवा दिए जाएंगे पर ऐसा न हुआ।
विधायक व सांसद भी अभियान से न जाने इतनी दूरी क्यों बनाए हुए हैं। मंच के पदाधिकारी अजय ने कहा कि नशा मुक्त व भय मुक्त कलायत बने यह प्रशासन की जिम्मेदारी है।
संजीव ने कहा कि नशे से मौत तो पहले भी होती रहीं हैं पर उनके भाई की मौत के बाद से नशे के खिलाफ कलायत में एक अभियान उठा। युवा, महिलाएं व बुजुर्गों के सहयोग से अभियान ने गति पकड़ ली है। अभियान को लगातार गांवों की पंचायतों, भारतीय किसान यूनियन, सर्व कर्मचारी यूनियन, चिकित्सकों व वकीलों का भी सहयोग मिल रहा है।
भाकियू के खंड महासचिव सुरेंद्र चौशाला ने कहा कि भाकियू फसल व नस्ल को बचाने की लड़ाई लड़ रही है। फसलों को लेकर तो बाॅर्डरों पर लगातार धरने जारी हैं और आने वाली नस्ल को नशों से बचाने के लिए भाकियू हर तरह से सहयोग करेगी।