संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कलायत शहर में 15 करोड़ 83 लाख 77 हजार रुपये की एसटीपी से अमीन ड्रेन तक पाइप लाइन बिछाने की परियोजना के निर्माण कार्य में जन स्वास्थ्य विभाग और निर्माण एजेंसी की अनियमितताएं सामने आई हैं। निर्माण के दौरान ही एसटीपी परिसर में नव निर्मित टैंक में जगह-जगह दरारें आ गई हैं। इसके साथ ही निर्माण विभिन्न स्थानों से धंस गया है।
शीर्ष अधिकारियों व सरकार की जांच एजेंसियों की नजर इस पर न पड़े इसके लिए आनन-फानन में धंसे व दरारें हुए निर्माण पर लीपापोती कर डाली। जगह-जगह लगे पैबंदों ने इसकी पोल खोल दी है। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि निर्माण के लंबे समय बाद भी जन स्वास्थ्य विभाग की तकनीकी निगरानी विंग द्वारा टैंक निर्माण के दौरान भरे गए सैंपलों की पास-फेल स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही है।
इसी तरह टैंक से लेकर अमीन ड्रेन तक भूमिगत पाइप लाइन बिछाने का जो कार्य जारी है उसका स्तर न करने के आरोप भी लोग लगा रहे हैं। जिस प्रकार मुख्य टैंक की स्थिति बनी है उसके चलते उपचारित जल का अमीन ड्रेन तक पहुंचने की बजाय टैंक व आसपास के इलाके में रिसाव हो जाएगा।
इससे आसपास के कृषि और दूसरी सरकारी-निजी संपत्ति को भारी नुकसान हो सकता है। सरकार ने पारदर्शिता को लेकर निर्माण परियोजनाओं से संबंधित हर छोटी-बड़ी जानकारी आम जन को मुहैया करवाने के लिए विवरण बोर्ड चस्पा करने के आदेश हैं, लेकिन न तो योजना के ब्यौरे को लेकर कोई सूचना बोर्ड स्थापित किया गया है और न ही जिम्मेदारी अधिकारी व जांच एजेंसी विंग का संपर्क नंबर-नाम का कहीं उल्लेख है। इसके साथ ही निगरानी और पारदर्शिता को लेकर जो नियम सरकार द्वारा तय हैं उनकी पालना सुनिश्चित नहीं हो रही। निगरानी के लिए केवल निर्माण एजेंसी का सुपरवाइजर ही मौका स्थल पर मौजूद रहता है।