Publicity is being done in the city by putting up illegal posters
- फोटो : Kaithal
शहर में कई मुख्य मार्गों, चौक-चौराहों पर सामग्री, पोस्टर, बैनर्स और होर्डिंग्स लगाकर अवैध रूप से प्रचार किया जा रहा है। कई बार की शिकायत के बावजूद नगर परिषद की ओर से थोड़ा बहुत जुर्माना करके संबंधित लोगों को छोड़ दिया जाता है। जो फिर से वहां पर अपने पोस्टर लगा देते हैं।
नगर परिषद कैथल की ओर से करीब 18 लाख रुपये सालाना की दर से एक एजेंसी को शहर में लगभग 35 साइटों पर अपनी प्रचार सामग्री लगाने और उसके लिए लोगों से निर्धारित फीस लेने का ठेका दिया हुआ है। जिसे अभी एक साल भी पूरा नहीं हुुआ है। इस एजेंसी ने 22 जगहों पर स्थित साइटों को प्रचार सामग्री के लिए प्रयोग किया जा रहा है। लेकिन इन 22 जगहों के अलावा शहर में पिहोवा चौक, ढांड रोड, छोटू राम चौक, करनाल रोड, अंबाला रोड, ढांड रोड सहित शहर के विभिन्न मार्गों पर बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर लगाए जा रहे हैं। जो कई बार तो हादसों का कारण बन जाते हैं। वहीं, शहर के सुंदरीकरण पर भी इसका असर पड़ता है।
प्रचार सामग्री लगाने का ठेका लेने वाली एजेंसी के कर्मचारी ने कहा कि वे सैकड़ों शिकायतें नगर परिषद अधिकारियों को दे चुके हैं। पिहोवा चौक हो या शहर में कई जगहों पर बड़े-बड़े पोस्टर, बैनर व एलईडी तक लाकर अवैध रूप से कामर्शियल तौर पर प्रचार किया जा रहा है। कई बार स्ट्रीट लाइट के खंभों पर प्रचार सामग्री लगाई जाती है। वे लगातार शिकायतें करते हैं। नगर परिषद के अधिकारी थोड़ा बहुत जुर्माना करके ऐसे लोगों को छोड़ देते हैं। ऐसे में उनकी आमदनी पर भी असर होता है, जबकि उन्हें नगर परिषद को 18 लाख रुपये सालाना देने हैं।
इस संबंध में इओ रविंद्र कुमार ने कहा कि एजेंसी को इसके लिए अधिकृत किया गया है कि वह अवैध प्रचार सामग्री हटा सकती है। साथ ही नगर परिषद अधिकारियों की मदद लेकर उसे हटवा सकती है। समय-समय पर ऐसे अभियान चलाकर सड़कों से अवैध प्रचार सामग्री हटाई जाती है। आगे भी ऐसे अभियान चलाए जाते रहेंगे।