संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। महिला एवं बाल विकास विभाग ने खंड गुहला के भूना गांव में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इसमें सुपरवाइजर दीप्ति ने कहा कि समाज में लड़का-लड़की के भेदभाव को खत्म करना जरूरी है। लड़कियों को भी समान अवसर दिए जाएं, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
उन्होंने लोगों से बाल विवाह और कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीतियों का विरोध करने का आह्वान किया। दीप्ति ने कहा कि लड़कियों की शादी 18 वर्ष से पहले न करें। जन्म पर कुआं पूजन जैसे उत्सव मनाकर बेटियों का स्वागत करें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी को लिंग जांच या भ्रूण हत्या जैसी गतिविधियों की जानकारी मिले, तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग या संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।
शिविर के दौरान गुहला कोर्ट से एडवोकेट विशाल जिंदल, एडवोकेट कृष्णा और एडवोकेट राम प्रकाश ने महिलाओं को घरेलू हिंसा, दहेज, बाल विवाह और अन्य कानूनी विषयों पर जानकारी दी।