कैथल। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, कर्मचारी संगठनों और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सर्व कर्मचारी संघ ने बुधवार को पूंजीपतियों के चार लेबर कोड्स के विरोध में जिला सचिवालय में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता ओमपाल भाल, कामरेड सत्यवान और रमेश हरित ने संयुक्त रूप से की।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला सचिव शिवचरण और किसान खेत मजदूर संगठन से बाबू राम ने कहा कि 21 नवंबर का दिन इतिहास में उस तारीख़ के रूप में दर्ज होगा जब सत्ता और पूंजी ने मिलकर करोड़ों मजदूरों, कर्मचारियों और शिक्षकों के अधिकारों पर हमला किया। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार ने चार लेबर कोड लागू कर दिए हैं, जिनकी बुनियाद ही मेहनतकशों को असंगठित, असुरक्षित और असहाय बनाकर कॉरपोरेट मुनाफ़ा बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि ये वही श्रम अधिकार हैं जिन्हें पिछले सौ वर्षों के संघर्ष, जेल यातनाएं, शहादतें और हड़तालों के जरिए हासिल किया गया था। अब इन्हें एक झटके में मिटा दिया गया है। इसके विरोध में देशभर की 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनें, संयुक्त किसान मोर्चा, अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ और स्कूल टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया सहित सैकड़ों संघों के करोड़ों कर्मचारी–शिक्षक सामने आए हैं। संवाद