संवाद न्यूज़ एजेंसी
ढांड। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने बिजली दरों में और टोल टैक्स में बढ़ोतरी के खिलाफ पंचमुखी चौक पर प्रदर्शन कर सरकारी नीतियों की निंदा की। संगठन के राज्य उपप्रधान कामरेड बाबू ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी का और टोल टैक्स बढ़ाया जाना गलत है।
उन्होंने कहा कि बिजली दरों में 20 पैसे प्रति यूनिट से 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोत्तरी गरीब उपभोक्ताओं के साथ घोर अन्याय है। पहले ही आम जनता को महंगाई,बेरोजगारी के चलते अपना जीवन निर्वाह करना कठिन हो रहा है, ऊपर से बिजली दरों में बढ़ोतरी करके उनको आर्थिक संकट में डाल दिया है।
उन्होंने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं पर 47 पैसे प्रति यूनिट पहले ही सरचार्ज लगाया हुआ है। जो अगले साल मार्च तक लागू रहेगा। ज्यादा बिल भरने पहले ही मुश्किल हो रहे हैं। टोल टैक्स बढ़़ने से भी और महंगाई बढ़ेगी।
एसयूसीआई कम्युनिस्ट के जिला सचिव कॉमरेड राजकुमार सारसा ने कहा कि निजीकरण के चलते बिजली इतनी महंगी हो जाएगी कि आम आदमी महंगी बिजली खरीद ही नहीं पाएंगे। पिछले पांच सालों में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने टोल टैक्स के नाम से 13,988 करोड़ रुपये वसूल किए हैं। टोल टैक्स की बढ़ोतरी का आर्थिक बोझ वाहन मालिकों पर पड़ता है। इसकी पूर्ति करने के लिए वाहन मालिक यानी ट्रांसपोर्टर यात्री किराया व माल भाड़ा बढ़ा देते हैं। इसका बोझ आम आदमी पर पड़ता है।
ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन और एसयूसीआई कम्युनिस्ट आम जनता से अपील करती है कि इस वृद्धि के खिलाफ आंदोलन गठित करने के लिए आगे आएं। इस मौके पर जिला सचिव कामरेड कृष्ण चंद, बिजली उपभोक्ता मंच हरियाणा के जिला संयोजक रामसरुप, संजू, दर्शन सिंह, भाग सिंह, विक्रम सिंह व ज्ञानी राम मौजूद रहे।