संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। लघु सचिवालय स्थित सभागार में शुक्रवार को डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रीति ने मतदान केंद्रों के पुनर्गठन के संदर्भ में संबंधित विभागों के अधिकारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस मौके पर उपायुक्त ने बताया कि जिले में 83 नए मतदान केंद्र बनाने का प्रस्ताव किया गया है।
डीसी प्रीति ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की हिदायतों के अनुसार मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण से पहले मतदान केंद्रों में आवश्यक संशोधन किया जा रहा है। गुहला, कलायत, कैथल और पूंडरी विधानसभा क्षेत्रों में वर्तमान में कुल 807 मतदान केंद्र हैं।
आयोग के निर्देशों के तहत एक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा तय की गई है। इसी आधार पर 83 नए मतदान केंद्र बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
इन सभी नए मतदान केंद्रों की सूची तैयार कर ली गई है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि 17 जून तक अपने सुझाव जिला निर्वाचन कार्यालय में दे सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि 100 केंद्र मौजूदा भवनों में ही समायोजित किए जाएंगे, जबकि 83 केंद्र नए भवनों में स्थापित किए जाएंगे।
आपात स्थिति में पहुंच का विशेष ध्यान ः डीसी प्रीति ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मतदान केंद्रों तक आपातकालीन स्थिति में वाहनों की पहुंच सुनिश्चित की जाए। यदि किसी मौजूदा बूथ पर पहुंच में समस्या है, तो वहां विकल्प के रूप में नए भवन का चयन किया जाए।
इस अवसर पर कैथल सीटीएम गुरविंद्र सिंह, एसडीएम अजय कुमार, कलायत एसडीएम अजय हुड्डा, चुनाव नायब तहसीलदार सुभाष, और राजनीतिक प्रतिनिधि सुरेंद्र रांझा, रमेश हरित, चंद्रभान, गुलाब सिंह, अमरीक सिंह सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
624 केंद्र 1200 से कम मतदाता, 183 केंद्र 1200 से अधिक
डीसी ने बताया कि वर्तमान में 807 केंद्रों में से 624 केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या 1200 से कम है, जबकि 183 केंद्र ऐसे हैं, जहां मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक है। ऐसे केंद्रों के समायोजन अथवा विभाजन की प्रक्रिया के तहत नए केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं।
n गुहला ः 19 केंद्र
n कलायत ः 17 केंद्र
n
कैथल ः 26 केंद्र
n पूंडरी ः 21 केंद्र
n
कुल ः 83 नए मतदान केंद्र