कैथल। बुधवार को निजी स्कूल संचालक संघ की बैठक हुई। बैठक में जिले के विभिन्न निजी स्कूलों के संचालकों ने भाग लेकर शिक्षा विभाग से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की और उनके समाधान की मांग की। बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा शिक्षा विभाग की ओर से निजी स्कूलों पर लागू की जा रही रिव्यू प्रक्रिया और कई स्कूलों के एमआईएस पोर्टल बंद किए जाने का रहा।
संचालकों का कहना था कि पोर्टल बंद होने से स्कूलों के दैनिक प्रशासनिक कार्य, विद्यार्थियों के प्रवेश, रिकॉर्ड अपडेट करने और अन्य जरूरी ऑनलाइन प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं। इससे स्कूल प्रबंधन के साथ-साथ अभिभावकों और विद्यार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैठक के बाद संघ के प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा जिला अध्यक्ष ज्योति सैनी से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने मांग की कि इन मुद्दों को शिक्षा विभाग और सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाए, ताकि निजी विद्यालयों का कार्य सुचारु रूप से चल सके और अनावश्यक परेशानियों का समाधान हो।
संघ के प्रधान कुलदीप बिढ़ाण ने कहा कि निजी स्कूल शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और हजारों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि स्कूलों के समक्ष आने वाली समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हुआ तो इसका असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संघ सभी विद्यालयों के हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करेगा और आवश्यकता पड़ने पर आगे की रणनीति भी तय करेगा। बैठक में लाभ सिंह लैलर, गौतम बंसल, रमेश ढिल्लों, कुलदीप पुनिया, मंगल, गुरुदेव सिंह, रमेश चंद, हरपाल धांधा, सतबीर सहरान, राम दिया, महेंद्र और राजेंद्र ढुल मौजूद रहे।