अस्पताल में मौजूद कैदी के परिजन
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कैथल। एनडीपीएस एक्ट में 12 साल की सजा काट रहे एक कैदी ने जिला जेल में परने से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इससे पहले उसने बेटे को फोन कर कहा था कि उसे झूठे केस में फंसाया गया है। पांच साल की सजा वह काट चुका है, लेकिन अब आगे जेल में नहीं रह सकता है।
जानकारी के अनुसार पंजाब के पटियाला के गांव तराई निवासी सलिंद्र को पुलिस ने वर्ष 2013 में एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार किया था। दोषी पाए जाने पर कुरुक्षेत्र की न्यायालय ने उसे 12 साल की सजा सुनाई थी। उसने हाईकोर्ट में अपील की थी, जिसमें उसकी सजा घटाकर दस साल कर दी गई। इस मामले में वह कैथल जेल में बंद था तथा करीब पांच साल की सजा काट चुका था। बुधवार दोपहर के समय जेल की बैरक के शौचालय में उसे परने से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
मृतक के बेटे बंटी ने कहा कि उसके पिता ने सुबह ही फोन करके कहा था कि उसे झूठे केस में फंसाया गया है। अब वह जेल में नहीं रह सकता। परिजनों का आरोप है कि एक पुलिसकर्मी ने रिश्वत लेकर सलिंद्र को झूठे केस में फंसाया था। उन्होंने मामले की जांच और कार्रवाई की गुहार लगाई।
जेल अधीक्षक संजय बांगड़ ने बताया कि कैदी ने सुबह घर पर बात की थी। वह किसी परेशानी में नहीं दिख रहा था, लेकिन दोपहर में उसने आत्महत्या कर ली। उन्होंने बताया कि मृतक का जीजा भी इसी जेल में सजायाफ्ता कैदी है। किसी को नहीं पता कि यह कदम क्यों उठाया गया। एसएचओ सिटी रोहताश ने बताया कि वीरवार को न्यायाधीश की मौजूदगी में मृतक का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।