कैथल। एक्सपोर्ट प्राइस पर मूल्य निर्धारित करने पर पिछले दो दिन से जिले में राइस मिलरों ने खरीद बंद कर रखी है। यह हड़ताल सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रही। आढ़तियों और किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। राइस मिलरों ने केंद्र के इस फैसले को वापस लेने की मांग की है। कैथल में दूसरे दिन भी चावल निर्यातकों ने बारीक धान नहीं खरीदा है।
इसी बीच सोमवार को मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास करने पहुंचे मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी इसे केंद्र सरकार की योजना बताया है। कहा कि अच्छी गुणवत्ता का चावल निर्यात होता है। बासमती पर एक्सपोर्ट दर बढ़ाना केंद्र सरकार की नीति है। इसलिए इससे कुद गुणवत्ता का चावल भी देश में एक्सपोर्टरों को बेचने की जरूरत है। हरियाणा प्रदेश राइस मिलर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने कि इस मामले में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। इस पर आग्रह है कि इस मांग को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार से बातचीत की जाए। उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री इस पर केंद्र सरकार के बातचीत है। मुख्यमंत्री दिल्ली जाकर बातचीत करेंगे। मिलरों को उम्मीद है कि इस पर कार्रवाई जरूर होगी।
मामला ः प्रदेशाध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने बताया कि 25 अगस्त को सरकार ने एक्सपोर्ट प्राइस पर मूल्य निर्धारित किया है। इसमें 1200 डालर प्रति मीट्रिक टन लागू किया है। उनकी 850 डालर प्रति मीट्रिक टन करने की मांग की है क्योंकि देश में बासमति चावल की खपत विदेशों की अपेक्षा कम है। यदि यह नियम लगातार लागू रहा तो राइस मिलरों के साथ किसानों को भी इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। संवाद