संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सरकार की बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत जिले के कम लिंगानुपात वाले गांवों के लिए जाट कॉलेज के सभागार में जागरूकता एवं चेतना शिविर का आयोजन किया गया। इन गांवों की करीब 150 एएनएम, आशा वर्कर, आंगनवाड़ी वर्कर ने इसमें भाग लिया। इस दौरान कन्या भ्रूण हत्या को रोकना व बालिकाओं की शिक्षा एवं सशक्तीकरण को बढ़ावा देना साझी जिम्मेदारी बताई गई। यह शिविर वीरवार एवं शुक्रवार को भी चलेगा।
एडीसी दीपक बाबूलाल करवा ने दो दिनों में लगाए गए शिविरों की समीक्षा की और लिंगानुपात सुधारने के बारे में उचित निर्देश दिए और सभी प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने कहा कि समाज में लिंग भेदभाव को समाप्त करना, कन्या भ्रूण हत्या को रोकना और बालिकाओं की शिक्षा व सशक्तिकरण को बढ़ावा देना हम सब की साझी जिम्मेदारी है।
शिविरों में डॉ. बलविंदर गर्ग, डॉ. गौरव पूनिया और जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी चेतन वर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। उन्होंने लिंगानुपात में सुधार की आवश्यकता, बेटियों के शिक्षा और स्वास्थ्य के महत्व, तथा सामाजिक जागरूकता के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। डॉ. गर्ग ने कहा कि बेटियाां समाज की नींव हैं, और उनका सशक्तिकरण ही देश के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है। डॉ. पूनिया ने कन्या भ्रूण हत्या के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला।
डॉ. गौरव पूनिया ने कहा कि जिला प्रशासन ने इन शिविरों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह पहल न केवल लिंगानुपात में सुधार लाने में सहायक होगी, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को भी बढ़ावा देगी।
कैथल में हो चुकी 10 से ज्यादा को सजा ः गोयल
शिविर में उप-न्यायवादी जय भगवान गोयल ने पीएनडीटी एक्ट के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि कैथल में 10 से ज्यादा केस में लोगो को सजा हो चुकी है। अंत में डॉ नवराज ने बताया कि सभी गर्भवती महिलाओं के पहले तिमाही में जरूरी पंजीकरण करें और उनके लगातार संपर्क में रहे एवं हरियाणा सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं को उपलब्ध कराएं।