संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। गेहूं पकना शुरू हो गया और जल्द ही फसल कटने लगेगी। इसके बाद अनाज मंडी में गेहूं की फसल पहुंचने लगेगी लेकिन पूंडरी अनाज मंडी इसके लिए तैयार नहीं दिख रही। किसानों का कहना है कि प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। मंडी के फड़ अभी तक तैयार नहीं हैं। वहीं, मंडी के मुख्य गेट के बाहर सड़क पर सीवरेज का कार्य चल रहा है, जिससे किसानों और व्यापारियों को आने-जाने में बड़ी दिक्कतें हो रही हैं।
गौरतलब है कि सीवरेज के काम के चलते सड़क की हालत भी खराब हो चुकी है, और इससे आने-जाने में भारी जाम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। स्थानीय किसान और व्यापारी इस बात से चिंतित हैं कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया तो गेहूं की खरीद-बिक्री में भारी बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसके अलावा, मंडी के फड़ तैयार न होने के कारण व्यापारियों को भी जगह की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जो व्यापार को प्रभावित कर सकता है।
स्थानीय प्रशासन से जब इस विषय पर बात की गई, तो अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को समझने की बात कही, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। किसानों और व्यापारियों का कहना है कि यदि इस समस्या का समाधान शीघ्र नहीं किया गया, तो सीजन में व्यापार और फसल की आवक में दिक्कतें होनी तय हैं।
आढ़तियों का कहना है कि अब यह सवाल उठता है कि प्रशासन आखिर कब तक इस स्थिति को नजरअंदाज करेगा और कब तक व्यवस्था सुधारेगा।
व्यापार मंडल विकास समिति के प्रधान हरीश लाल ने बताया कि किसानों की छह महीने की गाढ़ी कमाई मंडी में 1 अप्रैल तक आने की उम्मीद है। लेकिन मंडी में तैयारियां अभी भी अधूरी हैं। जबकि विधायक समस्याओं पर पैनी नजर बनाए हुए है।
व्यापार मंडल के प्रधान ईशम सिंह सैनी का कहना है कि जब सभी को पता है कि एक अप्रैल तक ख़रीद शुरू होनी है। अभी तक अनाज मंडियों में कोई समाधान नहीं हो पाया है। इसका जल्द ही समाधान करवाया जाना चाहिए ताकि दिक्कतें न आएं।
व्यापार मंडल विकास समिति के चेयरमैन नरेंद्र गोलन ने बताया कि अनाज मंडी में सड़क खस्ताहाल है। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन हालातों में यहां पर किसान अपनी ट्रैक्टर ट्रॉली तक सही ढंग से नहीं ला सकता है।
व्यापार मंडल विकास समिति के सचिव सुभाष लखन पाल ने बताया कि पूंडरी अनाज मंडी में समस्याओं का अंबार है। मार्केट कमेटी को समय रहते समस्याओं का निराकरण कराना चाहिए। किसानों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।