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Kaithal News: तैयारी जोरों पर, सांस्कृतिक टीमों का चयन

Tue, 08 Aug 2023 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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कैथल। आरकेएसडी कॉलेज के हॉल में सोमवार को स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का चयन गठित की गई कमेटी ने किया। इस मौके पर विभिन्न स्कूल के बच्चों ने जहां देश भक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां दी, वहीं अपने कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न लोक संस्कृति के रंग बिखेरने का कार्य किया।
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डीईओ रविंद्र चौधरी ने कहा कि समारोह के लिए विभिन्न स्कूल के बच्चों ने तैयारियां की है। उनमें से समारोह के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का चयन किया है। स्वतंत्रता दिवस समारोह पर जवाहर नवोदय विद्यालय के बच्चे समूह गान, आर्य कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के बच्चे देश भक्ति नृत्यावली, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जाखौली अड्डा व गीता भवन के नजदीक की छात्राएं हरियाणवी नृत्य, हिंदू कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्राएं पंजाबी नृत्यावली, सुपार्श्व जैन पब्लिक स्कूल के बच्चे झांकी व हरियाणा की नृत्यावली तथा श्री गुरु तेग बहादुर खालसा पब्लिक स्कूल के बच्चे गिद्दा की प्रस्तुति देंगे।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के चयन के समय सभी स्कूलों के इंचार्ज को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए और समारोह की गरिमा के अनुरूप कार्यक्रम तैयार करने के लिए कहा गया। जो भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कमियां थी, उन्हें दूर करने के निर्देश दिए गए। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अंतिम पूर्वाभ्यास 12 अगस्त को पुलिस लाइन मैदान में होगा।
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इससे पहले चयन की गई टीमों की एक रिहर्सल का अवलोकन हिंदू कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के हॉल में 10 अगस्त को किया जाएगा। इस अवसर पर आईपीआरओ कृष्ण कुमार, बीईओ डॉ. नरेश कुमार, डॉ. प्रद्युम्न भल्ला, अश्विनी बत्तरा, सुशील कुमार, वंदना, प्रज्ञा पाशा जैन व लक्षित मौजूद रहे।

स्कूलों के बच्चें उमड़े छोटा पड़ा गया हॉल

कैथल। आरकेएसडी कॉलेज में सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति में समस्याओं का आलम रहा। इस कार्यक्रम में लगभग 11 स्कूलों के करीब 600 बच्चों ने अपनी प्रस्तुति दर्ज कराई। बच्चों की प्रस्तुति के लिए कॉलेज का हॉल छोटा पड़ गया। बच्चों की अधिक संख्या होने के कारण बच्चे गर्मी से परेशान हो गए।

कुछेक बच्चे अपनी पानी की बोतलें लेकर आए थे, जो एक घंटे से पहले ही पानी की बोतलें खत्म हो चुकी थी। इसके अलावा प्रशासन की ओर से पानी की कोई और व्यवस्था नहीं की गई थी। तीन घंटे तक बच्चों को बिना पानी के लिए रहना पड़ा। वहीं प्रस्तुति के बाद बच्चों को रिफ्रेशमेंट भी नहीं दी गई।

बच्चों ने सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक अपने कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। प्रतिभागियों का कहना था कि स्वतंत्रता दिवस पर प्रस्तुतियों में किसी स्कूल के प्रतिभागियों को विशेष ध्यान न दें। क्योंकि यह कोई प्रतियोगिता न होकर एक राष्ट्रीय पर्व है।

नाम न छापने की शर्त पर प्रतिभागी विद्यार्थियों ने बताया कि स्वंतत्रता दिवस हम अपनी आजादी के लिए मनाते हैं और इस कार्यक्रम में भाग लेकर विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देते है। यह एक देशभक्ति पर्व है। इसमें कोई प्रतियोगिता नहीं होनी चाहिए। प्रस्तुति देने वाले सभी प्रतिभागियों को एक सम्मान समझना चाहिए और कार्यक्रम के अंत में किसी विशेष स्कूल के प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान नहीं दिया जाना चाहिए। इस कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाले सभी प्रतिभागियों को एक सम्मान उत्साह बढ़ाना चाहिए। किसी विशेष स्कूलों के विद्यार्थियों को विशेष स्थान देने से अन्य स्कूल के प्रतिभागियों का मनोबल कम होता है।

इसलिए प्रशासन से उनकी मांग है कि किसी को विशेष स्थान ने देकर एक सम्मान समझे। जिला शिक्षा अधिकारी रविंद्र चौधरी सहित अन्य चयनकर्ताओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अवलोकन किया और जिन कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों में त्रुटियां थी, उनसे संबंधित प्रशिक्षकों को उचित निर्देश दिए। रिहर्सल के समापन पर राष्ट्रगान के समय रिद्धम ताल सही न मिलने से चार बार प्रस्तुत किया गया। इसके बाद संगीत प्रशिक्षक को जिला शिक्षा अधिकारी ने ठीक करने के निर्देश दिए। संवाद
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