कैथल। एकीकृत सहकारी समिति विकास परियोजना के तहत हुए घोटाले को लेकर अब एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने आइसीडीपी के तहत आई ग्रांट की ऑडिट की अनुमति मांगी है। क्योंकि इसी ग्रांट के तहत आरोपियों ने फर्जी बिलों के माध्यम से पैक्स व द केंद्रीय सहकारी समिति के बैंक की शाखाओं में सामान मंगवाया था। माना जा रहा है कि ऑडिट की अनुमति मिली तो गबन का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
एसीबी कैथल के इंस्पेक्टर सूबे सिंह ने बताया कि एसीबी की टीमें फिलहाल एकीकृत सहकारी समिति विकास परियोजना के तहत आई साढ़े 10 करोड़ रुपये की ग्रांट का रिकॉर्ड खंगालने में जुटी हैं। वहीं सहकारी समिति में आई ग्रांट को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप में आरोपी अतिरिक्त रजिस्टार जितेंद्र कौशिक, कृष्ण बैनीवाल व बैंक के पूर्व महाप्रबंधक संजय हुड्डा व विजय कुमार फिलहाल जेल में हैं। अब एसीबी की टीमें जल्द ही विशेषज्ञों के साथ पैक्स और बैंक की शाखाओं का दौरा करेगी। साथ ही योजना के तहत आई ग्रांट के ऑडिट की भी अनुमति मांगी जाएगी।