संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नवरात्र के सातवें दिन भक्तिभाव और श्रद्धा के साथ मां कालरात्रि की पूजा की गई। नवरात्र के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है। शुक्रवार को शहर के बड़ी देवी और छोटी देवी मंदिर में सुबह व शाम के समय श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। वहीं, शनिवार को दुर्गाष्टमी के पर्व को लेकर बाजार में भीड़ जुटी रही। श्रद्धालुओं ने कंजक पूजन के लिए सामान की जमकर खरीदारी की।
छोटी देवी मंदिर के पुजारी पंडित विनायक भारद्वाज ने बताया कि मां कालरात्रि का स्वरूप उनके नाम के अनुरूप घने अंधकार जैसा काला है। उनके तीन नेत्र ब्रह्मांड के समान गोल और दिव्य हैं। मां की सवारी गर्दभ (गधा) मानी जाती है।
उनका दाहिना ऊपर उठा हाथ वरदान देने की मुद्रा में है, जबकि नीचे वाला हाथ अभय प्रदान करने का संकेत करता है। बाईं ओर ऊपर वाले हाथ में कांटा और नीचे वाले हाथ में खड्ग विराजमान है।
इस शुभ अवसर पर अपनों को मां की महिमा और सुख-समृद्धि की मंगलकामनाओं से भरे संदेश भेजकर शुभकामनाएं दी जा सकती हैं। शहर में नवरात्रे के सातवें दिन बड़ी माता व छोटी माता मंदिर में सुबह व शाम के समय में पूजा- अर्चना की जाती है जिससे सुख-समृद्धि की कामना होती है।
इस बार अष्टमी का पर्व शनिवार को मनाया जा रहा है। चैत्र नवरात्र में इस बार अष्टमी व नवमी के दिन को एक दिन ही मनाया जा रहा है इस कारण अब की बार एक नवरात्र कम है।
शनिवार को माता रानी के आठवें दिन हलवा, पुरी, आलू व अन्य प्रसाद को सुबह कन्याओं को खाना खिलाकर व उनकी पूजा करके इस दिन व्रत को खोला जाएगा। अष्टमी व नवमी को एक साथ एक नवरात्र मनाने के दिन श्रद्धालुओं ने नवरात्र पर उपवास भी किए शुरू किए है।