पुलिस भर्ती के लीक हुए पेपर के विरोध में युवाओं ने प्रदर्शन किया। नगर में प्रदर्शन करने के बाद युवाओं ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। युवा संदीप ने कहा कि सभी अभ्यार्थी पिछले काफी लंबे समय से जी तोड़ मेहनत कर रह,े हैं ताकि सरकारी नौकरी मिल सके। कुछ असामाजिक तत्व पेपर लीक करवा कर पूरी प्रक्रिया को खत्म करवा देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा पिछले काफी समय से लगातार हो रहा है कि ऐन मौके पर पेपर लीक हो जाता है और भर्ती प्रक्रिया वहीं समाप्त हो जाती है। उन्होंने कहा कि एचएसएससी का सिस्टम पूरी तरह से फेल हो चुका है। उन्होंने कहा कि जिस नेटवर्क के जरिये लीक पेपर इधर-उधर पहुंचा, उनके खिलाफ शासन-प्रशासन ठोस कार्रवाई का दावा कर रहा है। जिन अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही से सरकारी सुरक्षा और प्रबंधों के बीच से पेपर को परीक्षा आयोजित करने से पहले लीक करते हुए बाजार में नीलाम किया गया, उन्हें बेनकाब क्यों नहीं किया जा रहा। निरंतर पेपर लीक होने का मुख्य सूत्रधार कौन है? नेटवर्क किसकी मदद से सरकारी प्रबंधों के बीच से पेपर लीक करता आ रहा है। सात वर्ष की समय अवधि में बार-बार पेपर लीक हो रहा है। यह उच्च स्तरीय ही नहीं बल्कि सीबीआई जांच का मामला है।
युवा अजय, अमित व सुनील ने कहा कि रोजगार के लिए युवा वर्ग दिन-रात पढ़ाई करता है। कोचिंग पर पानी की तरह पैसा बहाया जाता है। अभिभावक जैसे-तैसे पैसों का प्रबंध कर बच्चों के लिए पढ़ाई के संसाधनों की व्यवस्था करते हैं। अरमान उस समय आंसुओं में बह जाते हैं जब तमाम तैयारियों के बाद दी गई परीक्षा में पास होने की खुश खबरी मिलने की बजाय पेपर रद्द होने की सूचनाएं आती हैं। यह उच्च शिक्षित वर्ग के लिए बहुत बड़ा भद्दा मजाक है।
कलायत में सिपाही प्रवेश परीक्षा रद्द होने के मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन करने वालों ने परीक्षाओं का संबंधित विषय अनुसार पाठ्यक्रम तय करने की मांग की। इनका कहना था कि परीक्षा सिपाही की थी और प्रश्न पशु पालन के पूछे जा रहे थे। सरकार परीक्षाओं के लिए विशेष पैमाना तय कर पाठ्यक्रम तैयार करे ताकि सरकारी ढांचा मजबूत हो। एसडीएम की अनुपस्थिति में नायब तहसीलदार हरदेव सिंह ने ज्ञापन लेने के बाद युवाओं को ज्ञापन मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।