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बिजली संकट :1.58 करोड़ यूनिट के पार पहुंची मांग, 456 शिकायतें आईं

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बिजली ठीक करने के लिए पहुंचा कर्मचारी। संवाद
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कैथल। भीषण गर्मी, उमस और बारिश नहीं होने के कारण शहर में रोजाना आधे से एक घंटे तक और ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय करीब दो घंटे तक अघोषित बिजली कट लगाए जा रहे हैं। बिजली निगम के पास सोमवार को 456 शिकायतें पहुंची है।
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जिले में बिजली की मांग ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। बिजली निगम के आंकड़ों के अनुसार सोमवार को पहली बार जिले में एक दिन की बिजली खपत एक करोड़ 58 लाख 45 हजार यूनिट तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है।
केवल चार दिनों में बिजली की मांग करीब पांच लाख यूनिट बढ़ गई है। बढ़ती खपत का असर अब बिजली आपूर्ति पर भी साफ दिखाई देने लगा है जिससे उपभोक्ता परेशान हो गए हैं।
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बिजली अधिकारियों का कहना है कि बारिश नहीं होने से गर्मी लगातार बढ़ रही है। घरों में एसी, कूलर और पंखों का उपयोग बढ़ने के साथ-साथ खेतों में धान की फसल के लिए ट्यूबवेल भी लगातार चल रहे हैं। इसी कारण बिजली की मांग में तेजी आई है। 11 मई को जिले में केवल 60.64 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई थी, जबकि अब यह आंकड़ा ढाई गुना के करीब पहुंच चुका है। बढ़ती लोडिंग के कारण ट्रिपिंग और फॉल्ट की घटनाएं भी बढ़ गई हैं।
ओवरलोड होने के कारण टांसफार्मर सबसे ज्यादा फ्यूज उड़ा रहे है, जबकि कई जगह तारें भी जल रही हैं। निगम की टीमें दिन-रात फील्ड में काम कर रही हैं, ताकि बिजली आपूर्ति जल्द बहाल की जा सके। किसानों को भी पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। बिजली निगम के अनुसार जिले में करीब तीन लाख 74 हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जा रही है। कैथल, गुहला, सीवन, कलायत, राजौंद, ढांड और पूंडरी ब्लॉक के 293 गांव बिजली नेटवर्क से जुड़े हैं। निगम ने इनमें से 284 गांवों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की योजना बनाई है लेकिन रिकॉर्ड स्तर की मांग के चलते इसे बनाए रखना चुनौती बन गई है।
गर्मी और मच्छरों से लोग बेहाल : करनाल रोड निवासी राजेश ने बताया कि बार-बार बिजली गुल होने से एसी और कूलर बंद हो जाते हैं। इससे गर्मी और उमस के बीच मच्छरों का भी प्रकोप बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि लगातार कट लगने से नींद भी प्रभावित हो रही हैं। निगम को बिजली आपूर्ति सुचारु रखने के लिए प्रभावी व्यवस्था करनी चाहिए।

बिजली ठीक करने के लिए पहुंचा कर्मचारी। संवाद

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