संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में स्कूली शिक्षा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी विजय लक्ष्मी की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक की शिक्षा प्रणाली में नीतिगत, प्रशासनिक व व्यावहारिक चुनौतियों, उनके संभावित समाधानों और सर्वश्रेष्ठ शैक्षिक प्रथाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
जिला शिक्षा अधिकारी विजय लक्ष्मी ने कहा कि विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को साकार करने में शिक्षा प्रणाली की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार बैठक में विभिन्न पहलुओं जैसे आधारभूत साक्षरता, समावेशी शिक्षा, पाठ्यक्रम निर्माण, शिक्षक प्रशिक्षण व तकनीकी समावेशन पर गहन विमर्श किया गया।
डीईओ ने बताया कि बैठक से प्राप्त सुझावों के आधार पर एक समेकित रिपोर्ट तैयार कर राज्य मुख्यालय को भेजी जाएगी। यह रिपोर्ट राज्य की ओर से मुख्य सचिव कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुत की जाएगी, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायक सिद्ध होगी।
बैठक में खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश नैन, सुरेश कुमार सिंगला, अनिल कुमार छाबड़ा, बलबीर कश्यप, चंद्र किशोर, एपीसी कुशल कुमार, मनोज पंवार, राजीव मलिक, सजल गुप्ता, विकास नागपाल, दिनेश शर्मा, नरेश कुमार, विजय बंसल, डॉ. विनय गुप्ता, महिला एवं बाल विकास विभाग से बलबीर सिंह व रणजीत सिंह, तथा डीएसओ कार्यालय से देवेंद्र सिंह ने भाग लिया।
बैठक में ये रहे प्रमुख बिंदु
n सकल नामांकन अनुपात और शुद्ध नामांकन अनुपात में सुधार
n बुनियादी स्कूली शिक्षा सुविधा- सामाजिक आर्थिक वंचित समूह पर विशेष जोर
n आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता पर विशेष बल
n नए पाठ्यक्रम और पाठ्य पुस्तक का निर्माण
n स्कूलों में बहुभाषावाद को बढ़ावा देना
n विभिन्न दक्षताओं और योग्यताओं को संयोजित करना
n शिक्षक का सतत व्यवसायिक विकास
n शैक्षिक प्रबंधन के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना
n उभरते भारत के लिए पीएम श्री स्कूल
n समावेशी शिक्षा पर बल
n आकांक्षात्मक सुविधाओं की संतृप्ति