संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। प्रदेश में घटते लिंगानुपात पर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने वर्चुअल माध्यम से राज्य टास्क फोर्स (एसटीएफ) की बैठक की। इस दौरान एक सरकारी फार्मासिस्ट के खिलाफ अवैध रूप से एमटीपी (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी) किट बेचने की शिकायत सामने आई। इस पर स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने सीएमओ से आरोपी को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करने के लिए भी कहा।
बैठक के दौरान प्रदेश के 11 जिलों में घटते लिंगानुपात की रिपोर्ट भी तलब की गई। एसीएस सुधीर राजपाल ने कहा कि लिंगानुपात सुधारने के मामले में लापरवाही कतई स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन जिलों के सीएमओ प्रदर्शन नहीं दिखाएंगे, उनके खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई करेगा और उन पर लगातार नजर रखी जाएगी। उन्होंने सभी सीएमओ को निर्देश दिए कि वे अपने जिलों में सक्रिय रहते हुए फील्ड स्तर पर निगरानी को मजबूत करें। साथ ही मुख्यालय के अधिकारियों को भी आदेश दिए कि वे जिलों को पूरा सहयोग दें और ठोस कदम उठाएं।
बैठक में यह भी बताया गया कि इस साल 1 जनवरी से 22 सितंबर तक राज्य का लिंगानुपात 907 रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में 904 था। हालांकि, जिलावार रिपोर्ट में कुछ जिलों की परफॉर्मेंस कमजोर पाई गई।
इस सूची में 11 जिले हैं। इनमें चरखी दादरी, करनाल, सिरसा, हिसार, अंबाला, यमुनानगर, सोनीपत, कैथल, महेंद्रगढ़, भिवानी और पलवल शामिल हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने इन जिलों के सीएमओ को स्पष्ट चेतावनी दी कि वे ठोस कार्ययोजना बनाकर जल्द से जल्द सुधारात्मक कदम उठाएं।