संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सीवन थाना में महिला ममता से कथित थर्ड डिग्री टॉर्चर के मामले में नया मोड़ आ गया है। चंडीगढ़ पीजीआई प्रशासन ने पीड़िता का स्वास्थ्य परीक्षण करने से इन्कार कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि यह राज्य का मामला है, ऐसे में वे दखल नहीं देंगे। संबंधित विभाग को हरियाणा राज्य के मेडिकल कॉलेज या पीजीआई से परीक्षण कराना होगा।
ममता का जिला नागरिक अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस मामले की जांच करनाल पुलिस की एसआईटी कर रही है, जो अगली कार्यवाही भी करेगी। इस प्रकरण में हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग पहले ही संज्ञान ले चुका है और आयोग ने संबंधित अधिकारियों से एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी थी।
आयोग ने करनाल एडीजीपी कार्यालय से फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट, रोहतक पीजीआई में मेडिकल बोर्ड गठित करने, सीवन के एक निजी डॉक्टर को आयोग के समक्ष पेश होने और पुलिस को तलब करने जैसे निर्देश भी दिए थे।
सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि चंडीगढ़ पीजीआई से अभी तक कोई लिखित सूचना प्राप्त नहीं हुई है, हालांकि मौखिक रूप से इन्कार की जानकारी मिली है। जैसे ही लिखित पत्र प्राप्त होगा, महिला का परीक्षण करनाल मेडिकल कॉलेज या रोहतक पीजीआई से करवाया जाएगा। यह परीक्षण जांच एजेंसी की निगरानी में होगा।
घटनाक्रम एक नजर में
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26 जून : सीवन क्षेत्र से एक किशोरी लापता हुई।
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27 जून : किशोरी के अपहरण का केस दर्ज।
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29 जून : भगाने के आरोप में जांच में ममता को किया शामिल।
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29 जून : ममता ने थाने में थर्ड डिग्री टॉर्चर का आरोप लगाया और उसी दिन अस्पताल में भर्ती हुईं।
n30 जून
: संगठनों ने डीसी और एसपी से मुलाकात की।
n1 जुलाई : पुलिस ने ममता के बयान दर्ज किए।
n2 जुलाई : तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज।
n3 जुलाई : एसपी ने पीजीआई चंडीगढ़ को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पत्र लिखा।
n7 जुलाई : लापता किशोरी मिली दो युवकों पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। उसी दिन जांच करनाल एसआईटी को सौंपी गई।
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8 जुलाई : महिला आयोग ने मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के आदेश दिए।
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9 जुलाई : मुख्य आरोपी नसीब गिरफ्तार।
n11 जुलाई : अनुसूचित जाति आयोग कैथल पहुंचा, जांच को आगे बढ़ाते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया।