कैथल। शहर में आपूर्ति किए जाने वाले नहरी पेयजल की स्थिति में अभी तक सुधार नहीं हो पाया है। नलों में आ रहे रेत युक्त पानी के कारण शहर की विभिन्न कॉलोनियों के निवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि जनस्वास्थ्य विभाग ने अपने प्यौदा और मानस रोड स्थित पेयजल स्टोरेज टैंकों में नहर से पानी लेना बंद कर दिया है, लेकिन जो पानी इस समय टैंकों में है, वह भी बाढ़ का दूषित पानी है। ऐसे में मशीनों के जरिये पानी पूरी तरह से शुद्ध नहीं हो पा रहा है और पानी के साथ रेत लोगों के घरों में पहुंच रहा है।
जनस्वास्थ्य विभाग के स्टोरेज टैंकों में इस समय मात्र आठ दिन का पानी बचा है। इन टैंकों में सिरसा ब्रांच नहर से पानी आता है, जिसे शोधित करके शहर में आपूर्ति की जाती है। इस समय नहर में बाढ़ का पानी चल रहा है। इसके कारण विभाग ने नहर से पानी लेना बंद कर दिया है। विभाग के पास दूषित पेयजल को लेकर शिकायतें भी पहुंच रही हैं, लेकिन अधिकारी नहर में साफ पानी आने तक जल का ज्यादा से ज्यादा संरक्षण करने की लोगों से अपील कर रहे हैं।
हालांकि नहरी पानी के अलावा शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए ट्यूबवेल भी लगाए गए हैं, लेकिन शहर की करीब 70 प्रतिशत आबादी नहरी पेयजल पर निर्भर रहती है। कुछ ट्यूबवेल ऐसे भी हैं, जिनका प्रयोग विभाग द्वारा केवल आपात स्थिति में किया जाता है। ऐसे में जहां नहरी पानी के कारण परेशानी बनी हुई है, वहां लोगों को या तो विभाग के ट्यूबवेलों से या फिर निजी सबमर्सिबल से पेयजल लाना पड़ रहा है।
जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ जगदीश कुमार ने कहा कि नहर में बाढ़ का पानी आने के कारण विभाग ने टैंकों में पानी लेना बंद कर दिया है। इस संबंध में सिंचाई विभाग के अधिकारियों से भी लगातार बातचीत की जा रही है। फिलहाल टैंकों में नौ दिन का पानी उपलब्ध है। उम्मीद है कि इस समय अंतराल में नहर का पानी साफ आ जाएगा।