संवाद न्यूज़ एजेंसी
गुहला चीका। केंद्र सरकार की ओर से उत्तरी हरियाणा से दो प्रमुख हाईवे 152डी व दिल्ली कटरा एक्सप्रेस वे निकाले गए हैं। इन दोनों ही हाईवे का कई जिलों के लोगों को सीधा लाभ मिला है, लेकिन व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान रखने वाला गुहला-चीका इन हाईवे के लाभ से वंचित रह गया है।
गौरतलब है कि 152डी की गुहला चीका से दूरी जहां लगभग 40 किलोमीटर है। वहीं, दिल्ली कटरा रोड गुहला-चीका से लगभग 30 किलो मीटर दूर से गुजरता है। हाईवे 152डी तक पहुंचने के लिए अच्छी सड़क नहीं है। वहीं, दिल्ली कटरा एक्सप्रेस वे तक जाने के लिए टूटी फूटी ग्रामीण सड़कों से होकर गुजरना पड़ता है।
चीका वासी वरिष्ठ अध्यापक कुलदीप सिंह झींजर, प्रमुख व्यापारी नरेश जैन, डॉ. सतीश मित्तल, डॉ. राजेश भारद्वाज व किसान हरजिंद्र नंबरदार ने कहा कि गुहला चीका कृषि व व्यापारिक दोनों दृष्टि से प्रदेश का प्रमुख शहर है। गुहला में जहां एशिया की प्रमुख अनाज मंडी है और इसे धान के कटोरे के नाम से जाना जाता है। धान की अधिक उपज होने के चलते यहां पर सैकड़ों राइस मिल व दूसरी इंडस्ट्री हैं।
बावजूद इसके शहर की किसी भी हाईवे से सीधी कनेक्टिविटी ना होने के कारण व्यापारियों के साथ आम लोगों को भी दिक्कतें हो रही हैं। स्थानीय लोगों ने केंद्रीय सड़क व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी व प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सैनी से मांग की है कि 152 डी को वाया गुहला-चीका पंजाब में दिल्ली कटरा एक्सप्रेस वे से जोड़ा जाए, ताकि यहां के लोग भी केंद्र सरकार की बेहतरीन सड़क परियोजना का लाभ ले सकें।
इस संबंध में गुहला से भाजपा के पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर ने कहा कि गुहला-चीका कृषि और व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर है। गुहला-चीका के सीधे तौर पर एक्सप्रेस वे से जुड़ने पर जहां इस शहर का व्यापारिक तौर पर फले फूलेगा। वहीं, यहां के लोग सीधे माता वैष्णो देवी मंदिर के दर्शन के लिए जा सकेंगे।
बाजीगर ने यह भी कहा कि गुहला-चीका को सीधे दोनों रोड से जोड़ने के लिए जल्द ही मुख्यमंत्री नायब सैनी व केंद्रीय सड़क व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भेंट करेंगे और 152डी से दिल्ली कटरा एक्सप्रेस वे को पंजाब के ठरूआ गांव में बने एंट्री प्वाइंट तक लगभग 70 किलोमीटर लंबे रोड को चौड़ा व मजबूत बनाने की मांग रखेंगे।