गुहला-चीका। नगरपालिका प्रशासन की अनदेखी के चलते शहर के अधिकतर पार्क उजाड़ हो रहे हैं। चीका के सबसे बड़े ताऊ देवी लाल पार्क की हालत इतनी खस्ता हो चुकी है कि सुबह व शाम के समय सैर के लिए आने वाले शहरवासियों को यहां सिर्फ निराशा हाथ लगती है।
इस पार्क में बच्चों के लिए लगाए गए अधिकतर झूले व खेलने का सामान टूट चुका है। इसी पार्क में लगाए गए ओपन जिम में कसरत करने के लिए लगाई गई अधिकतर मशीनें टूट चुकी है। नगरपालिका प्रशासन ने लंबे समय से ना तो बच्चों के झूलों की सुध ली और ना ही ओपन जिम का रखरखाव किया। पार्क में आने वाले बुजुर्गों के लिए बैठने के लिए कुर्सी तक की सुविधा नहीं है। पार्क में लगे फव्वारे व स्ट्रीट लाइटें सालों से टूटी पड़ी है।
पार्क का घास सुख चुका है, लेकिन नपा प्रशासन इसे बचाने के लिए बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। इसी प्रकार से पार्क का मुख्य गेट पिछले लंबे समय से टूटा पड़ा है। पार्क के अंदर नौका विहार के लिए बनाए गए तालाबों में बनने के बाद से कभी पानी नहीं छोड़ा गया। पार्क में बने शौचालय के नल चोरी हो गए है और यहां पानी का कोई प्रबंध नहीं है। इस कारण इस शौचालय के गेट पर हर समय ताला झूलता रहता है।
पार्क में सैर के लिए आने वाले बुजुर्ग रामकुमार, मोहन लाल, यशपाल गर्ग, जगदीश, राधे श्याम, बोहती देवी, धनपति, कमला देवी आदि ने बताया कि खाली समय व्यतीत करने के लिए पार्क उनके लिए सबसे उपयुक्त जगह है, लेकिन नगरपालिका की अनदेखी के चलते यह पार्क उजाड़ होकर रह गया है जिसके चलते अब यहां आने का मन नहीं करता। इन लोगों ने कहा कि नगरपालिका अध्यक्ष रेखा रानी व उपाध्यक्ष पूजा शर्मा के कार्यकाल में शहर बदहाल होकर रह गया है।
इसी प्रकार से शहर के रणबीर सिंह हुड्डा पार्क, इंडस्टि्रयल एरिया के पार्क के अलावा अधिकतर पार्कों की हालत इतनी खराब है कि अब ये सैर करने लायक बचे ही नहीं हैं। संवाद
ताऊ देवी लाल पार्क में शौचालय के नल कई बार चोरी हो गए है। जल्द ही दोबारा से नल लगवा पानी का प्रबंध किया जाएगा। पार्क के मुख्य गेट के लिए जेई को बोला जाएगा। पार्क में आने वाले लोगों को हर प्रकार की सुविधा मिले इसके लिए नपा प्रशासन प्रयासरत है।
- राजेश शर्मा, सचिव, नगर पालिका, चीका।