अनाज मंडी चीका में धान को सुखाने में लगे मजदूर। संवाद
कैथल। मंडियों में धान की खरीद और उठान में हो रही देरी अब किसानों और आढ़तियों के लिए परेशानी बन गई है। वीरवार सुबह करीब तीन घंटे हुई बारिश के कारण अनाज मंडियों में खुले आसमान के नीचे पड़ा करीब ढाई लाख मीट्रिक टन धान पूरी तरह भीग गया है। कैथल में करीब 28 एमएम बारिश हुई।
प्रशासन की ओर से मंडियों में फसल को बचाने के इंतजाम पूरी तरह नाकाफी साबित हुए हैं जिससे करोड़ों रुपये की फसल खराब होने की कगार पर पहुंच गई है। मंडी में हालत यह है कि पानी की सही निकासी न होने से धान की बोरियां पानी में आधा फीट तक डूबी नजर आईं। खुले में लगी धान की ढेरियों में भी पानी घुस गया है जिससे धान में नमी की मात्रा काफी बढ़ने की आशंका है।
आंकड़ों के मुताबिक मंडी में अब तक 4.15 लाख मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। 3.08 लाख मीट्रिक टन की खरीद का दावा किया जा रहा है लेकिन केवल 1.83 लाख मीट्रिक टन का ही उठान हो पाया है।
अनाज मंडी चीका में धान को सुखाने में लगे मजदूर। संवाद
अनाज मंडी चीका में धान को सुखाने में लगे मजदूर। संवाद
अनाज मंडी चीका में धान को सुखाने में लगे मजदूर। संवाद
अनाज मंडी चीका में धान को सुखाने में लगे मजदूर। संवाद