कैथल। जिले की आठ अनाज मंडियों में उठान न होने से धान के ढेर लग गए हैं। वहीं अभी तक सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसानों में रोष है। ऐसे में धीमी खरीद व उठान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अभी तक जिले में कुल तीन लाख 10 हजार क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। जबकि कई प्रमुख मंडियों में सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार ढांड की नई अनाज मंडी के अलावा कैथल में अभी तक करीब 35 हजार क्विंटल धान की खरीद हुई है। इसका अभी तक भी उठान नहीं हो पाया है। किसानों की मांग है कि धान की सरकारी खरीद के साथ-साथ, राइस मिलरों का पंजीकरण भी समय पर कराया जाए तभी धान का उठान हो पाएगा।
वहीं कैथल में किसान डिजिटल कांटे के बजाय साधारण तोल व बट्टे वाले तराजू से धान की खरीद करवाने में ज्यादा विश्वास कर रहे है। दूसरा धान में नमी होने के कारण भी धान की खरीद सुचारु नहीं हो पा रही है। दो दिन पहले किसानों ने नमी जांचने वाले मीटर में गड़बड़ी मिलने पर मंडी सचिव के कार्यालय के आगे धरना दिया था। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) चढूनी समूह के प्रदेश उपाध्यक्ष चमकौर सिंह बनेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री खुद को किसान का बेटा बताते है, उनके राज में किसानों की यह दुर्दशा बनी हुई है। भाकियू ने मडी बोर्ड के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि अगर सोमवार तक अनाज मंडियों में उठान नहीं हुआ तो वह मंडी के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन करेंगे।
31 नई अनाज मंडी में उठान न होने से लगे धान के ढेर संवाद
31 नई अनाज मंडी में उठान न होने से लगे धान के ढेर संवाद