संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। भारत स्काउट गाइड की डायमंड जुबली स्पेशल जंबूरी तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली (त्रिची) में चल रही 75वीं अंतरराष्ट्रीय जंबूरी में कैथल जिले के भारत स्काउट एंड गाइड के सदस्य हरियाणा की लोक संस्कृति, संगीत और पारंपरिक वेशभूषा के माध्यम से अपनी पहचान बना रहे हैं।
गौरतलब है कि इस अंतरराष्ट्रीय जंबूरी में देश के विभिन्न राज्यों सहित नेपाल, श्रीलंका, मलेशिया व अन्य देशों के हजारों प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। इसमें वे अपने-अपने देश और प्रदेशों की संस्कृतियों और कला आदि का प्रदर्शन कर रहे हैं।
जंबूरी का समापन तीन फरवरी को होगा। इसकी शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी। जिला संगठन आयुक्त विजय कुमार ने बताया कि बुधवार और वीरवार को म्हारे प्रतिभागियों ने हरियाणवी परिधान धोती, कुर्ता, कंठी माला और लड़कियों ने दामण, कुर्ती, चूंदड़ी पहनकर हरियाणवी संस्कृति को जीवंत किया।
उन्होंने ढोलक, बीन, पियानो, मटका, डेरु, जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाय और रागनियां व लोक गीत प्रस्तुत किए। प्रस्तुति से हरियाणवी संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली है, जिससे पूरे जिले में हर्ष व गर्व का माहौल बना हुआ है।
उन्होंने बताया कि जंबूरी में हरियाणवी खान-पान के स्टॉल भी लगाए गए, जिनमें गेहूं, बाजरा, गुड़, शक्कर, चूरमा, खीर, दलिया, खिचड़ी आदि पारंपरिक व्यंजन अतिथियों को चखाए गए। प्रयास को खूब सराहना मिली। जिला शिक्षा अधिकारी रामदिया गागट व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी संतोष दहिया ने फोन पर प्रतिभागियों को बधाई दी।
इस मौके पर जिला संगठन आयुक्त विजय कुमार, स्काउट मास्टर विजेंद्र कुमार, महेंद्र कुमार, राजेश ढिल्लो, राजकुमार, सुशील कुमार, गोपी चंद, रणवीर, गाइड कैप्टन रजनीबाला, रेखा रानी व पूनम उपस्थित रहे।