कैथल। जिला उपभोक्ता फोरम ने मेडिकल क्लेम खारिज करने के मामले में शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने बीमा कंपनी को कुल 1.01 लाख रुपये का भुगतान करने के आदेश दिए हैं। इसमें 91,300 रुपये उपचार खर्च की राशि देनी होगी। साथ ही महिला को 5,000 रुपये मुकदमा खर्च भी अदा करना होगा।
आयोग ने बीमा कंपनी की कार्रवाई को सेवा में कमी माना है। 45 दिन में भुगतान न करने पर सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। शिकायतकर्ता महिला रिचा गुप्ता ने आयोग में बताया था कि वह मई 2022 में गंभीर रूप से बीमार हो गई थी। उन्हें कैथल के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार किया। अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार महिला को तेज बुखार, ठंड लगना, पेशाब में जलन, उल्टी और दस्त की शिकायत थी।
हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में भी रखा गया और पांच दिनों तक दिन में दो बार शक्तिशाली एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगाए गए। उपचार के बाद महिला ने अपनी बीमा कंपनी के समक्ष 91,300 रुपये का मेडिकल क्लेम प्रस्तुत किया लेकिन कंपनी ने उपचार रिकॉर्ड में विसंगतियों का हवाला देते हुए क्लेम खारिज कर दिया।