गुहला-चीका। राइट टू रिकॉल व ई-टेंडरिंग के विरोध में सरपंचों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। वे पंचायतों को पूरे अधिकार दिए जाने की मांग को लेकर लगातार आंदोलन छेड़े हैं। सरपंचों ने बैठक कर सरकार के रवैये के खिलाफ रोष जताया।
खंड गुहला सरपंच एसोसिएशन की प्रधान गांव बिच्छियां की सरपंच समीना देवी ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार जन-प्रतिनिधियों की शक्तियां कम व अफसरशाही को हावी करना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरपंच अपनी-अपनी पंचायतों के बैंक खाते खोलना चाहते हैं व इसके लिए बीडीपीओ से तस्दीक करवाना अनिवार्य है, लेकिन बीडीपीओ बैंक खाते खोलने से पहले सरपंचों पर विकास कार्योँ के लिए प्रस्ताव डालने का दबाव बना रहे हैं। समीना ने कहा कि सरकार चाहे जो मर्जी कर ले जब तक पंचायतों को 20 लाख रुपये तक के विकास कार्य करवाने की छूट नहीं देती सरपंच सरकार का विरोध जारी रखेंगे। खंड गुहला सरपंच एसोसिएशन की उपप्रधान व गांव भाटियां की सरपंच गीता रानी ने कहा कि सरकार मौजूदा बजट सत्र में या तो सरपंचों की मांगे माने अन्यथा एक मार्च को पूरे प्रदेश के सरपंच चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। इस मौके पर कृष्ण कुमार बिच्छिया, कर्मजीत सिंह भाटियां, अजमेर सिंह, दिल्लू राम, तरसेम सिंह, अमन सिंह, महिपाल सिंह, जगतार सिंह, संदीप सिंह, सर्वजीत सिंह, रामपाल, गुरप्रीत सिंह व दर्शन सिंह भी मौजूद रहे।
डीडीपीओ कंवर दमन ने कहा कि किसी भी प्रकार के विकास कार्यों के लिए सबसे पहले प्रस्ताव डाला जाता है। यदि प्रस्ताव ही नहीं डाला जाएगा तो कार्य मंजूर नहीं हो सकते। सरपंचों को चाहिए कि वे अपने अपने गांव में होने वाले कार्यों के प्रस्ताव जल्द डालकर सरकार को भेजें, ताकि उन्हें मंजूर करवाया जा सके।