कैथल। रोडवेज डिपो में बसों की कमी के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डिपो में निर्धारित 250 बसों की तुलना में अब केवल 148 बसें रह गई हैं। इनमें से करीब 120 बसें ही रूटों पर चल रही हैं जबकि 32 बसें अलग-अलग कारणों से मरम्मत के लिए वर्कशॉप में खड़ी हैं। ऐसे में डिपो को 102 नई बसों की जरूरत है। बसों की कमी का असर लंबे और लोकल रूटों पर पड़ रहा है। जींद, कुरुक्षेत्र, दिल्ली, करनाल और असंध समेत करीब दर्जनभर रूटों पर यात्रियों को नियमित अंतराल पर बसें नहीं मिल पा रही हैं। इसके कारण उन्हें बसों के इंतजार में काफी समय बिताना पड़ता है। कई बार यात्रियों को दूसरी बसों या निजी वाहनों का सहारा लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है।
सुबह-शाम अधिक परेशानी, बसों में बढ़ रही भीड़
यात्री सुरेंद्र, सूरज ने बताया कि सुबह और शाम के समय यात्रियों की संख्या अधिक होने से परेशानी बढ़ जाती है। कर्मचारियों के अनुसार, बसों की कमी के कारण कई बार उपलब्ध बसों के फेरे बढ़ाने पड़ते हैं। इससे बसों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और यात्रियों को भीड़ के बीच सफर करना पड़ता है। बसों की कमी का असर नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और रोजाना दूसरे शहरों व कस्बों में आने-जाने वाले यात्रियों पर पड़ रहा है। समय पर बस नहीं मिलने से उनके कामकाज और पढ़ाई पर भी असर पड़ता है।
यात्रियों ने की नई बसें चलाने की मांग
यात्री पूजा, सुनीता, राजकुमार और प्रताप सिंह का कहना है कि परिवहन व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए डिपो में नई बसें शामिल करना जरूरी है। लंबे रूटों के साथ-साथ गांवों और आसपास के कस्बों के लिए चलने वाली लोकल बस सेवाएं भी नियमित रहनी चाहिए। बसों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को समय पर परिवहन सुविधा मिल सकेगी।
यात्रियों की जुबानी
कुरुक्षेत्र रूट पर करना पड़ता है इंतजार
यात्री मनबीर सिंह ने बताया कि बसों की कमी के कारण कुरुक्षेत्र रूट पर काफी देर तक बस का इंतजार करना पड़ता है। समय पर बस नहीं मिलने से नौकरी और पढ़ाई के लिए आने-जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। सरकार को कैथल डिपो में नई बसें भेजनी चाहिए, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।
मुख्यालय को लिखा है पत्र : टीएम
टीएम विपुल कुमार ने बताया कि नई बसों की मांग के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। जल्द ही नई बसें मिलने की उम्मीद है। यात्रियों को परेशानी नहीं आने दी जा रही है। यात्रियों की संख्या अनुसार बसों को भेजा जा रहा है।
बस के इंतजार में खड़े यात्री। संवाद