कैथल। जिले में बुधवार देर रात से वीरवार सुबह सात बजे तक तेज बरसात हुई। तेज हवाओं के साथ औसतन 10 मिमी. बारिश दर्ज की गई। वीरवार सुबह 31 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। इससे ठंड भी बढ़ गई। बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। बारिश से सरसों और सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचा है। वीरवार को कोहरे से वाहन चालकों को राहत मिली लेकिन तेज हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के तहत अब अगले दो दिन तक बादल छाए रहने की संभावना है। वहीं, यदि अब और अधिक तेज बरसात होती है तो गेहूं की फसल को भी नुकसान हो सकता है।
वीरवार को सुबह के समय जिले में औसतन 13 एमएम बरसात दर्ज की गई है। आपदा एवं प्रबंधन विभाग के सदर कानूनगो पूर्णचंद ने बताया कि कैथल में 15 मिमी, गुहला में आठ मिमी, कलायत में दो मिमी, सीवन में 15 मिमी, ढांड में 10 मिमी, पूंडरी में 14 मिमी और राजौंद में छह मिमी. बारिश दर्ज की गई है। जिलेभर में औसतन 10 मिमी पानी बरसा, जिसके कारण शहर में कई स्थानों पर पानी जमा हो गया। करनाल, रोड, लघु सचिवालय के गेट, बस स्टैंड, जींद रोड, एसबीआई रोड, अंबाला रोड, रेलवे अंडरपास सहित अन्य जगहों पर घंटों तक पानी जमा रहा। इसके कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
फरवरी के पहले सप्ताह में सर्दी का असर कम होना शुरू हो जाता है, मगर इस बार ऐसा नहीं है। बार-बार मौसम बदल रहा है और अब सर्दी फरवरी में भी असर दिखाने वाली है। हालांकि फसलों को इस तरह के मौसम से बेहद लाभ मिलेगा क्योंकि पानी की पूर्ति होती रहेगी और फसलों की बढ़वार और पैदावार अच्छी होगी। यदि अधिक बारिश और तेज हवा चली तो फसल गिर सकती है। इससे नुकसान भी हो सकता है।
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक डॉ. रमेशचंद्र वर्मा ने बताया कि वीरवार सुबह हुई बरसात से अब तक गेहूं की फसल को नुकसान नहीं हुआ है। क्योंकि तेज हवा चली और धूप भी निकली है। यदि अब बरसात अधिक बरसात होती है तो गेहूं की फसल को नुकसान हो सकता है। वहीं, अभी आठ फरवरी तक ठंड से राहत नहीं मिलने की उम्मीद नहीं है।