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Kaithal News: तेल कंपनियों ने बंद किया उधार देना नकद लेकर भी 72 घंटे बाद सप्लाई

Fri, 27 Mar 2026 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। जिले के पेट्रोल पंप संचालकों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। अब तक रोजाना मिलने वाली तेल सप्लाई में देरी हो रही है और पंप संचालकों को 72 घंटे यानी तीन दिन बाद तेल की गाड़ी मिल रही है। इसके साथ ही तेल कंपनियों ने पंपों को दी जाने वाली करीब एक करोड़ रुपये तक की उधारी भी बंद कर दी है।

पहले ऑर्डर देने के 24 घंटे के भीतर तेल की सप्लाई पंपों तक पहुंच जाती थी, लेकिन अब यह अवधि बढ़कर 72 घंटे हो गई है। जिले में विभिन्न पेट्रोलियम कंपनियों के कुल 171 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जिनमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की बड़ी आबादी निर्भर है।
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सप्लाई में देरी और उधारी बंद होने से इन पंपों के संचालन पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। यदि आने वाले दिनों में हालात नहीं सुधरे, तो कई पेट्रोल पंपों पर ‘ड्राई’ (तेल खत्म) होने की स्थिति बन सकती है, जिससे परिवहन और माल ढुलाई सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

पेट्रोल पंप संचालक सुरेश ने बताया कि कंपनियों द्वारा आपूर्ति में देरी और वित्तीय नियमों को सख्त किए जाने से वे दोहरी मार झेल रहे हैं। एडवांस भुगतान करने के बावजूद समय पर सप्लाई नहीं मिल रही और तीन दिन बाद तेल उपलब्ध हो रहा है।

उधारी बंद, नकद दो और तेल लो : तेल कंपनियों ने सप्लाई में देरी के साथ-साथ उधारी बंद, नकद दो और तेल लो (कैश एंड कैरी) प्रणाली को सख्ती से लागू कर दिया है। वर्षों से चली आ रही उधारी व्यवस्था बंद होने से छोटे

पंप संचालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। अब एडवांस भुगतान के बिना डिपो से तेल की गाड़ी रवाना नहीं की जा रही। इस व्यवस्था से संचालकों की नकदी पर दबाव बढ़ गया है, जिसका सीधा असर स्टॉक बनाए रखने की क्षमता पर पड़ रहा है। कुल मिलाकर ‘नगद दो और तेल लो’ की नीति ने पंप संचालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
गेहूं के सीजन में मांग का बढ़ेगा दबाव

यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है, जब जिले में गेहूं की कटाई का सीजन शुरू होने वाला है। एक अप्रैल से सरकारी खरीद भी आरंभ हो जाएगी। कृषि प्रधान क्षेत्र होने के कारण इस दौरान ट्रैक्टर, कंबाइन और थ्रेशर के लिए डीजल की मांग सामान्य से 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। यदि समय पर डीजल उपलब्ध नहीं हुआ, तो कटाई और भंडारण कार्य प्रभावित हो सकते हैं, जिसका असर खाद्य सुरक्षा और किसानों की आजीविका पर भी पड़ सकता है।
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40

एशर
16

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3

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1

जिले में विभिन्न कंपनियों के 171 पेट्रोल पंप संचालित हैं। तेल सप्लाई को लेकर कुछ पंपों पर मामूली समस्या की सूचना मिली है। फिलहाल जिले में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। -कुलदीप, इंचार्ज, गैस वितरण प्रणाली, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग
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