गुहला/चीका। भूना गांव की पंचायती जमीन की तीसरी बार हुई खुली बोली को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने नियमों की अनदेखी करते हुए मनमर्जी से प्रक्रिया चलाई।ग्रामीणों के अनुसार केवल उन्हीं लोगों की रसीदें रिन्यू की गईं जो पिछले 10 वर्षों से भूमि पर काबिज हैं, जबकि बोली में अन्य इच्छुक लोगों को शामिल नहीं किया गया।
एससी वर्ग के ग्रामीणों ने दावा किया कि उनके 30% हिस्सेदारी के अधिकार को भी नजरअंदाज किया गया और बोली से पहले शर्तें नहीं पढ़ी गईं।एसडीएम प्रमेश सिंह व एडीसी दीपक बाबूलाल करवा की मौजूदगी में प्रक्रिया पूरी की गई। प्रशासन ने इसे विशेष मामला बताते हुए आरोपों को निराधार बताया। सरपंच रवि कुमार ने कहा कि बोली प्रशासन के दबाव में करवाई गई और निष्पक्ष तरीके से बोली होती तो राशि अधिक होती। संवाद