एससीबीसी एकता मंच की ओर से विश्वकर्मा दिवस के उपलक्ष्य में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा पर फूल माला अर्पित की। विश्वकर्मा चौक पर हवन किया गया। इसमें सभी मैकेनिकों ने भगवान विश्वकर्मा की महिमा का गुणगान किया और बताया भगवान विश्वकर्मा ने ही इंद्रपुरी, यमपुरी, वरुण पुरी, कुबेरपुरी का निर्माण किया व दैनिक उपयोग में आने वाली सभी वस्तुओं का निर्माण भी विश्वकर्मा ने ही किया था। इस अवसर पर रामकुमार जांगड़ा, प्रधान गुरदयाल सिंह, विरभान, सुनील, रोहताश, शिवकुमार, कृष्ण कुमार, रोशन, प्रेम जांगड़ा, प्रकाश पांचाल, जिले सिंह व रामकला मौजूद थे। इस अवसर पर सीबीसी एकता मंच के चेयरमैन महेंद्र पाल धानिया, प्रेम, प्रधान धर्मपाल, रति उपप्रधान, प्रेम जांगड़ा, पप्पू, नफे सिंह, महासचिव सुरेश, सचिव कृष्ण रंगा, सह सचिव चांदीराम, रामेश्वर खटाना, डॉ. राजेश पाई, संजय, राजपाल व गुरु रविदास सभा के प्रधान जगदीश मेहरा मौजूद रहे।
छात्रावास रोड पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में सभी बिजली मिस्त्री एकत्रित हुए। सभी ने विश्वकर्मा इलेक्ट्रिशियन यूनियन की ओर से हवन करवाया। साथ ही भंडारे का आयोजन किया गया। सरप्रस्त जयकिशन सैनी ने बताया कि हर वर्ष यहां भंडारे का आयोजन किया जाता है। कोरोना के चलते हलवे के प्रसाद का वितरण किया गया। इससे पहले भंडारे का आयोजन किया जाता था। इस अवसर पर नरेश सैनी, मदन लाल सेतिया, प्रधान रामकुमार सहित अनेकों मिस्त्री मौजूद थे।
गांव रोहेड़ा में विश्वकर्मा चौपाल में विश्वकर्मा जयंती बड़ी धूमधाम से मनाई गई। जिसमें हवन यज्ञ करके भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें समाज के लोगों ने हवन में आहुति डाली। कर्मबीर जांगड़ा ने भगवान विश्वकर्मा के बताए रास्ते पर चलने के लिए कहा।
उन्होंने कहा की हम सब भगवान विश्वकर्मा के वंशज हैं ओर विश्वकर्मा समाज को एकजुट होकर अपने हकों के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। तब हमें अपने हक मिल सकते है। उन्होंने समाज को इसदिन सभी बुराईयां छोडक़र एकता बनाए रखने व अपने समाज की युवा पीढ़ी को शिक्षित करने की अपील की। इस दौरान कर्मबीर, राममेहर,पाला राम, बीरा, सतबीर, प्रवीण, कुलदीप, राजेश मौजूद थे। संवाद
श्री विश्वकर्मा मंदिर सभा चीका की ओर से विश्वकर्मा दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाजसेवी अमनदीप जेई व उनकी धर्मपत्नी मनदीप कौर ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि शिरकत की। मनदीप कौर ने कहा कि भगवान श्री विश्वकर्मा ने समाज के सृजन व मजदूर व कामगार वर्ग की उन्नति के लिए कार्य किया। इसलिए आज का दिन उनके लिए परोपकार को याद करने के लिए व लोगों में आपसी भाईचारे को कायम रखने के लिए मनाया जाता है। समाजसेवी अमनदीप जेई, नीलम सिंगला, गुरमीत कंबोज, प्रधान ऋषि पाल धीमान, उप प्रधान बलकार सिंह जांगड़ा, मास्टर गुलाब सिंह, लीलाराम, अमरजीत धीमान, रामपाल जांगड़ा, श्यामलाल जांगड़ा, किशन लाल धीमान, नरेश पांचाल, लखविंदर सिंह जांगड़ा, लक्ष्मण दास जांगड़ा, सुरेंद्र सिंह, गुरप्रीत सिंह, अशोक, डॉ. सुरेंद्र बंसल, बलजीत बुक्कल, बरखा, गुरदास व अवतार मौजूद रहे।