संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नवरात्र के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना कर भोग लगाया। प्राचीन 11 रुद्री मंदिर समेत अन्य मंदिरों में कतारों में रहकर श्रद्धालुओं ने मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना कर दर्शन किए।
श्रद्धालु गौरव ने बताया कि वह हर वर्ष व्रत रखते हैं और माता को साबूदाने की खीर का भोग लगाते हैं, जिससे उन्हें मानसिक शांति मिलती है। मंदिरों में विशेष सजावट के साथ भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया।
श्रद्धालु माता के जयकारे लगाते हुए दर्शन कर रहे हैं। मान्यता है कि मां चंद्रघंटा शांति, सौम्यता और साहस की प्रतीक हैं। उनकी पूजा से जीवन में सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है। शनिवार को बाजारों में भी खास रौनक देखने को मिली। व्रत में उपयोग होने वाली वस्तुओं की खरीदारी के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे। साबूदाना और नारियल की मांग में खासा इजाफा देखा गया।
दुकानदार नीरज ने बताया कि आम दिनों में 80 रुपये किलो बिकने वाला साबूदाना अब 100 रुपये किलो तक पहुंच गया है। साबूदाने की खीर को मां चंद्रघंटा का प्रिय प्रसाद माना जाता है, जिसके चलते इसकी मांग बढ़ी है। मावा (खोया) की बिक्री भी तेज हो गई है। दुकानदार प्रमोद के अनुसार, नवरात्र में 500 रुपये किलो बिक रहा है।